बगैर विशेषज्ञ चालक के दौड़ी पैसेंजर ट्रेन
Source: Dainik Bhaskar News | Last Updated 05:17(10/02/12)
जोधपुर. भीलड़ी से जोधपुर आ रही पैसेंजर गाड़ी गुरुवार शाम बिना दिशा ज्ञान विशेषज्ञ चालक के ही रवाना हो गई। गनीमत रही कि समय रहते जोधपुर मंडल के अधिकारियों को इसकी जानकारी मिल गई और गाड़ी को रतनपुर में ही रोक दिया गया।
बाद में एक अन्य मालगाड़ी के विशेषज्ञ चालक के निर्देशन में यह ट्रेन जोधपुर पहुंची। भीलड़ी से जोधपुर आने वाली पैसेंजर ट्रेन पर एलआर की ड्यूटी लगी थी, लेकिन अहमदाबाद मंडल ने उसे मीमो देकर गांधीधाम बुला लिया। एलआर के बगैर ही यह गाड़ी भीलड़ी से शाम 5 बजे रवाना भी हो गई।
बाद में जोधपुर मंडल के अधिकारियों को पता लगा कि भीलड़ी-जोधपुर पैसेंजर ट्रेन बगैर एलआर के ही आ रही है, तो उन्होंने तत्काल इस गाड़ी को रतनपुर पर ही रोक दिया। बाद में वहां से मालगाड़ी के एलआर को इस पैसेंजर ट्रेन में बिठाया और यह गाड़ी उसके निर्देशन में रवाना हुई। दूसरी ओर, गंभीर लापरवाही के इस मामले में रेलवे प्रशासन ने अहमदाबाद जोन के उस लोको पायलट को ‘बुक ऑफ’ कर जोधपुर उपस्थित होने को कहा है।
क्या है एलआर
रेलवे की पैसेंजर गाड़ी के लोको पायलट को लर्निग रूट की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है, जिसे एलआर कहा जाता है। इस ट्रेनिंग के तहत चालक को उस रूट की बारीकी से जानकारी दी जाती है। उसे मानव रहित व मानव सहित रेलवे फाटक, घुमाव, प्रत्येक स्टेशन व हर सिग्नल के बारे में बताया जाता है।
यह ट्रेनिंग छह माह के लिए मान्य होती है। गुरुवार को बगैर एलआर के रवाना हुई पैसेंजर ट्रेन के लोको पायलट दीपक धलकानी, इंस्पेक्टर वेलाराम व गार्ड को एलआर का ज्ञान नहीं था। वहीं, दूसरी ओर, रतनपुर से बिठाए गए लोको पायलट को पैसेंजर ट्रेन चलाने का अनुभव नहीं था। ऐसे में उसके निर्देशन में चालक दीपक धलकानी यह गाड़ी लेकर जोधपुर पहुंचे।
जांच की जा रहा है
॥बगैर एलआर के पैसेंजर ट्रेन रवाना होने के मामले की जांच की जा रही है। ट्रेन को किन परिस्थितियों में रवाना किया गया और लोको पायलट इसे छोड़कर क्यों चला गया, इन सब बातों का पता लगाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।ञ्ज
नीरज कुमार, मंडल संरक्षा अधिकारी, जोधपुर