तब भगवान विष्णु ने अपने चक्र से माता सती के शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। कहा जाता है कि जिस-जिस स्थान पर माता के शरीर के अंग गिरे,वहां-वहां उनके शक्ति पीठ स्थापित हो गए।सुंधा पहाड़ पर माता सती का सिर गिरा था जिस कारण यहां अघ्टेश्वरी देवी का शक्तिपीठ स्थापित हुआ।