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.. और जब उसे सरकारी अस्पताल ले जाना पड़ा

Bhaskar News | Jul 31, 2012, 04:34AM IST
 
 

सीकर.शहर के एक निजी अस्पताल में रविवार को डिस्चार्ज की गई एक किशोरी मुकेश कुमारी को सोमवार को असहाय दर्द होने पर एसके अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि निजी अस्पताल में उसे फिर लेकर गए थे लेकिन डॉक्टर नहीं मिला।

शहर के बिंदल अस्पताल में गांव मौल्यासी निवासी 15 वर्षीय मुकेश कुमारी पुत्र श्रवण कुमार को 26 जुलाई को भर्ती कराया गया था। जयपुर से आए डॉ महेंद्र पूनिया का दावा है कि 27 जुलाई को उसका पत्थरी का दूरबीन से ऑपरेशन किया। उसके पेट में करीब 6-7 एमएम की पत्थरी थी। इसके बाद 29 जुलाई को डिस्चार्ज कर दिया। उसके पेट में डीजे भी डाला गया था।

उधर, श्रवण कुमार का कहना है कि सोमवार को मुकेश के दोबारा दर्द होने पर उसे फिर बिंदल अस्पताल लेकर गए लेकिन वहां डॉक्टर नहीं मिला। कुछ समय बाद उसे एसके अस्पताल ले आए। यहां जब ड्यूटी डॉक्टर ने ऑपरेशन होने के बारे में संदेह जाहिर किया तो परिजनों को शक हो गया कि उनसे 30 हजार रुपए भी ले लिए और ऑपरेशन भी नहीं किया। एसके अस्पताल के ड्यूटी डॉ सोहन लाल आलड़िया का कहना है कि वे ऑपरेशन हुआ या नहीं, इसके बारे में कुछ नहीं कह सकते। ज्यादा सर्जन ही बता सकते हैं।
 
 
 

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