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पशुओं के लिए 41 तरह की दवाएं निशुल्क मिलेंगी, पहला चरण 15 से
Bhaskar News
| Aug 08, 2012, 04:00AM IST

योजना के सीकर जिला प्रभारी सहायक निदेशक डा. रामनिवास बलारा के अनुसार सरकार की ओर से विभाग को निशुल्क दवा वितरण योजना की गाइड लाइन जारी कर दी कर दी गई है। योजना में अब तक 18 तरह की दवाओं की सप्लाई मिल चुकी हैं। ज्यादा से ज्यादा लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए पशु चिकित्सालयों के समय में भी पर्वितन किया गया है।
पशु चिकित्सालय, पशुचिकित्सा उपकेंद्र व पशु औषधालय एक मार्च से 30 सितंबर तक सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक व एक अक्टूबर से फरवरी तक सुबह दस से शाम पांच बजे तक खुले रहेंगे। वहीं जिला मुख्यालय पर बहुउद्देशीय पशुचिकित्सालय में तीन पारियों में 24 घंटे चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
योजना में इन्हें मिलेगा लाभ
>पशु चिकित्सालय, औषधालय, उपकेंद्रों पर लगाए गए पशुओं के उपचार के लिए।
>पशुपालन विभाग की ओर से आयोजित किए जाने वाले शिविरों में।
>बीमारी फैलने पर संबंधित क्षेत्र में।
>प्रशासन की ओर से चिन्हित बीमार पशुओं को।
पशुपालक को क्या करना होगा
>योजना में संस्था पर पशुपालक को 2 रुपए पंजीयन शुल्क भरना होगा।
>गाय, भैंस, ऊंट, घोड़ा-गधा व कुत्ते का पंजीकरण दो रुपए।
>सुअर का पंजीकरण शुल्क 5 रुपए।
>भेड़ व बकरी के पंजीकरण के लिए 10 रुपए।
>100 मुर्गियों के पंजीयन के लिए 2 रुपए शुल्क देना होगा।
>एक बार पंजीकरण करवाने के बाद तीन दिन तक मान्य रहेगा।
>विशेष परिस्थितियों में पशुपालक को सात दिन की दवा व 10 दिन के लिए मिनरल मिक्चर दिया जाएगा।
ऐसे होगा पशुपालकों की समस्याओं का निस्तारण
> प्रत्येक संस्थान में शिकायत पुस्तिका रहेगी।
> जिला प्रशासन की ओर से गठित टीम की ओर से समय-समय पर केंद्रों का अवलोकन किया जाएगा।
> संस्थान में दवा वितरण काउंटर के बाहर उपलब्ध दवाओं की सूची रहेगी। वहीं सूचना पट्ट लगा हुआ होगा।
> 15 दिन में एक बार सूची का अपडेट करना होगा।








