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भाजपा-कांग्रेस के लिए रहेगी बसपा की चुनौती

ललित शर्मा | Dec 15, 2012, 06:46AM IST
 
 

जयपुर.विधानसभा के चार साल पूरे होने पर बहुजन समाज पार्टी ने अपनी तैयारियां नए सिरे से शुरू कर दी हैं। समाजवादी पार्टी की सुगबुगाहट व तीसरे मोर्चे की तैयारियों के बावजूद अगले चुनावों में कांग्रेस-भाजपा के लिए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) घातक रहेगी। 
 
पिछले चुनाव में बसपा ने 199 प्रत्याशी मैदान में उतारे थे, इनमें से 53 सीटें ऐसी थीं, जिनमें बसपा ने 10,000 से अधिक वोट हासिल किए थे। छह पर तो जीती, लेकिन बाकी 47 सीटों पर भी बसपा ने कांग्रेस और भाजपा दोनों के गणित बिगाड़ दिए थे। इन सीटों पर कांग्रेस 21, भाजपा 20 और निर्दलीय व अन्य छह प्रत्याशी ही जीत पाए थे। 
 
इन सीटों के विश्लेषण से यह भी सामने आया कि इनमें 15 सीटें तो ऐसी हैं, जिनमें बसपा दो बार से लगातार 10 हजार से अधिक वोट लेकर चुनौती को बरकरार रखे हुए है। प्रदेश में पिछले तीन चुनावों में जिस तरह से बसपा की सीटों के साथ वोट बैंक बढ़ा है, उसके चलते भी चुनौती स्पष्ट है। अगले चुनाव के लिए पार्टी ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं।
 
वोट बैंक का तर्क
 
बसपा सुप्रीमो मायावती ने पिछली बार उत्तर प्रदेश में सोशल इंजीनियरिंग के नाम पर अन्य वर्ग के लोगों को भी शामिल कर पार्टी की छवि सुधारने का प्रयास किया था। इसका असर राजस्थान में जीतकर आने वाले प्रत्याशियों में स्पष्ट दिखा है।  
 
बढ़ता प्रभाव 
 
बसपा ने राजस्थान में 1998 में खाता खोला था। उस समय पार्टी के 110 में से दो प्रत्याशी जगत सिंह दायमा (बानसूर) और मोहम्मद माहिर आजाद (नगर)  विधानसभा पहुंचे थे। 2003 में 124 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे, उनमें से मुरारीलाल मीणा (बांदीकुई) और सुरेश मीणा (करौली) जीते थे। 
 
2008 में 199 प्रत्याशी मैदान में थे, इसमें छह प्रत्याशियों ने जीत दर्ज कराकर पार्टी के बढ़ते प्रभाव को दर्शाया था। इन सभी ने बाद में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। बदले में इनको राज्यमंत्री और संसदीय सचिव के पदों से नवाजा गया।
 
 
2008 में जीते प्रत्याशी 
 
 
विधानसभा जीते प्रत्याशी वोट मिले निकटतम प्रत्याशी
 
नवलगढ़ राजकुमार शर्मा 50,273 प्रतिभा सिंह (कांग्रेस)
 
उदयपुरवाटी राजेंद्र सिंह गुढ़ा 28,478 विजेंद्र सिंह (कांग्रेस)
 
बाड़ी गिर्राज सिंह मलिंगा 35,855 जसवंत (बीजेएस एच) 
 
सपोटरा (एसटी) रमेश 37,878 मुखराज (कांग्रेस) 
 
दौसा मुरारीलाल मीणा 43,387 रामअवतार चौधरी (कांग्रेस )
 
गंगापुर रामकेश 42,547 मानसिंह (भाजपा)
 
 
दस सीटों पर कड़ी टक्कर से दूसरे स्थान पर 
 
बसपा पिछले चुनाव में दस सीटों सादुलपुर, तिजारा, भरतपुर, नदबई, वैर, बयाना, करौली, महवा, खींवसर और सिवाना विधानसभा सीटें में दूसरे स्थान पर रही थी। इन सीटों में से 8 पर भाजपा ने, एक कांग्रेस ने और एक सीट पर निर्दलीय ने जीत दर्ज कराई थी। 
 
10,000 से अधिक वोट लेने वाली सीटें 
 
>40,000 से अधिक वोट : सादुलपुर व करौली (दूसरा स्थान), नोहर (तीसरा स्थान) में। 
 
>30,000 से अधिक वोट : नदबई, खींवसर, हनुमानगढ़, लूणी में। 
 
>20,000 से अधिक वोट : तिजारा, भरतपुर, वैर, बयाना, महवा, सिवाना, करनपुर, रतनगढ़, सूरजगढ़, मंडावा, अलवर ग्रामीण, धौलपुर, मकराना, पीपलदा सूरतगढ़, संगरिया, हिंडौन में।
 
>10,000 से अधिक वोट : 
 
झुंझुनूं, खेतड़ी, कोटपूतली, किशनगढ़बास, राजगढ़- लक्ष्मणगढ़, नगर, डीग-कुम्हेर, राजाखेड़ा, खंडार, टोंक, डीडवाना, नागौर, डेगाना, शेरगढ़, बूंदी, पीलीबंगा, भादरा, लूणकरणसर, तारानगर, विराटनगर, श्रीमाधोपुर, मालपुरा मांडलगढ़ में। 
 
2003 की स्थिति 
 
विधानसभा-2003 के चुनावों में पार्टी ने 124 स्थानों पर प्रत्याशी उतारे थे, इनमें से मुरारीलाल मीणा (67,329 वोट) और सुरेश मीणा (24,343 वोट) जीते थे। 
क्च30,000 से अधिक वोट : जमवा रामगढ़ में। 
 
>20,000 से अधिक वोट : सादुलपुर, तिजारा, कुम्हेर, नदबई, वैर, बाड़ी में। 
 
>10,000 से अधिक वोट : सूरतगढ़, लूणकरणसर, तारानगर, पिलानी, बहरोड, राजगढ़, नगर, डीग, भरतपुर, रूपबास, बयाना, राजाखेड़ा, सपोटरा, गंगापुर, महुवा, पचपदरा, लूणी, बिलाड़ा, भोपालगढ़, लाडनूं में।
 
 
विस चुनाव में बढ़े वोट
 
1998 : 4,08,504 : 2.17% : 2 सीट 
2003 : 9,04,686 : 3.98% : 2 सीट 
2008 : 18,32,195 : 7.60% : 6 सीट
 
15 सीटों पर दबदबा
 
सादुलपुर, नदबई, लूणी, तिजारा, भरतपुर, वैर, बयाना, महुवा, सूरतगढ़, राजगढ़-लक्ष्मणगढ़, नगर, डीग-कुम्हेर, राजाखेड़ा, लूणकरणसर और तारानगर ऐसी सीटें हैं जहां बसपा ने 2003 के बाद 2008 में भी 10,000 से अधिक वोट लिए।
 
 

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