आखिर कौन संभाले भाजपा का बटुआ?
Source: Bhaskar News | Last Updated 03:40(08/02/12)
जयपुर. भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में अभी तक चार महत्वपूर्ण पद खाली है और इसके साथ ही संगठन में अभी तक कई समितियों का गठन भी नहीं हो पाया है। कोर कमेटी की बैठक और कार्यसमिति की बैठक को भी तारीख तय होने का इंतजार है।
कार्यकारिणी में महत्वपूर्ण माने जाने वाला कोषाध्यक्ष का पद कार्यकारिणी के गठन के दिन से ही खाली पड़ा है। वहीं, महामंत्री और उपाध्यक्ष के पद पर मनोनीत किए गए दो कार्यकर्ताओं के नाम पर उठे विवाद का अभी तक कोई निपटारा भी नहीं हो पाया है, ऐसे में न तो वे पदाधिकारी है और न इन पदों पर कोई अन्य को नियुक्त किया जा रहा है।
कोषाध्यक्ष का मामला क्यों अटका
पार्टी संचालन के लिए कोषाध्यक्ष को काफी अहम माना जाता है। वैसे कार्यकारिणी में जैन समाज को प्रतिनिधित्व देने के लिए भी इसे रोक रखा था। पार्टी को ऐसे व्यक्ति की तलाश है जो पार्टी के लिए फंड ला सके।
इसके लिए जालौर जिले के भीनमाल निवासी घेवरचंद जैन और भीलवाड़ा के सुभाष बहेड़िया का नाम चला था। इस बीच पता चला है कि पार्टी वित्त समिति बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। इसमें पूर्व वित्त मंत्री मानिक चंद सुराणा के साथ घेवरचंद जैन सहित पांच लोगों को शामिल करना संभावित था।
दो पदों पर विवाद
कार्यकारिणी गठन के बाद महामंत्री के पद पर जोधपुर के राजेंद्र कुमार गहलोत और उपाध्यक्ष के पद पर प्रहलाद गुंजल को मनोनीत किया गया था। इन नियुक्तियों को लेकर एतराज उठने के बाद मामला केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचा, लेकिन उस पर आज तक फैसला नहीं हो पाया है। ये दोनों ललित किशोर चतुर्वेदी खेमे से हैं। वरिष्ठ नेताओं की माने तो इन पदों पर नई नियुक्तियां ही होंगी।
समितियों का गठन
प्रदेश भाजपा में अभी समितियों के गठन का सिलसिला भी शुरू नहीं हुआ है। इसमें चुनाव समिति, अनुशासन समिति और वित्त समिति शामिल है। पार्टी सूत्रों के अनुसार चुनाव समिति का अभी काम नहीं है, क्योंकि इनका काम चुनाव के समय ही होता।
अनुशासन समिति और वित्त समिति के लिए दो माह से कवायद चल रही है, लेकिन कोर कमेटी की बैठक नहीं हो पाने से इनका गठन अटका हुआ है। उल्लेखनीय है कि चुनाव समिति में 11, अनुशासन समिति में 11 और वित्त समिति में 5 कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाता है।
घोषणा जल्द
कोषाध्यक्ष के मामले में चर्चा चल रही है, जल्दी घोषणा करेंगे। समितियों का मामला कोर कमेटी की बैठक के बाद हो पाएगा।
-अरुण चतुर्वेदी, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष
कोषाध्यक्ष का मामला अटकना नहीं चाहिए। वैसे अब इसे जल्द करवाएंगे। दो विवादित पदों पर भी जल्दी फैसला होगा। समितियों का काम तो कोर कमेटी पर ही निर्भर है।
- कप्तान सिंह सोलंकी, प्रदेश प्रभारी, भाजपा