सीएम साहब इनका क्या..., कैसे होगा भला? बताइए तो जरा
Source: Dainik Bhaskar News | Last Updated 08:22(09/02/12)
अजमेर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गुरुवार को अजमेर आ रहे हैं। वे अजमेर आते रहे हैं, लेकिन इस बार की यात्रा का महत्व कुछ अलग है। वे राजस्थान लोक सेवा आयोग में दो दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस और गेस्ट हाउस का उद्घाटन करेंगे। इसका शिलान्यास भी उन्होंने ही किया था।
इसके दूरगामी असर होंगे। भर्ती परीक्षाओं और इंटरव्यू के लिए जो विशेषज्ञ आयोग बुलाता है, वे अब इसी गेस्ट हाउस में ठहरा करेंगे, यानी अब गोपनीयता बरकरार रहेगी, किसी बाहरी व्यक्ति का दखल बंद हो जाएगा। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के दीक्षांत समारोह में प्रतिभाशाली बच्चों को पुरस्कृत भी करेंगे। ताजा यात्रा से पूर्व तक कुछ बड़े और अहम मसले सामने आ चुके हैं। इनमें सबसे अहम दरगाह प्रोजेक्ट है। ख्वाजा साहब के 800वें सालाना उर्स से पूर्व विकास कार्य कराने के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया गया था।
कागजी कार्रवाइयों में इतना विलंब हो गया है कि अब पूरा प्रोजेक्ट तत्काल लागू नहीं किया जा सकता। लिहाजा ऐसे काम जो उर्स शुरू होने से पूर्व कराए जा सकते हैं उन्हें अलग तो कर लिया गया है, लेकिन धनराशि आवंटित नहीं हुई है। लिहाजा ये काम भी अब पूरे होते नजर नहीं आ रहे। इसके अलावा कुछ काम तो ऐसे भी हैं जिन्हें बस उदघाटन का इंतजार है। इनमें राजीव गांधी स्मृति उद्यान, वीरांगना झलकारी स्मारक। मुख्यमंत्री की अजमेर यात्रा और अजमेर की अपेक्षाओं पर खास रिपोर्ट।
जल्द दिलवाएं 85 करोड़
दरगाह प्रोजेक्ट की 352 करोड़ की विशाल आकार योजना बनाकर केंद्र को भेजी जा चुकी है। ख्वाजा साहब का सालाना उर्स मई माह में है। लिहाजा अब मात्र साढ़े तीन पौने चार महीने ही रह गए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए ऐसे काम जो कुछ महीनों में कराए जा सकते हैं, उनके लिए 85 करोड़ रुपए केंद्र सरकार से जल्द से जल्द मंगवाना चाहिए। हालाकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इस बारे में पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद से आग्रह कर चुके हैं। लेकिन इसमें गति नहीं दी गई और पैसा जल्द नहीं मंगवाया गया तो तय है कि विकास कार्यो का वही हश्र होगा जो सीवेज लाइन का हुआ है।
सीवेज कनेक्शन कब से
सीवेज लाइन बिछाने का काम बरसों से चल रहा है। करोड़ों रुपया खर्च हो चुका है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पिछले कार्यकाल में आरंभ हुए थे काम। उनके दूसरे कार्यकाल के भी तीन वर्ष पूरे हो चुके हैं। लेकिन अजमेरवासी इस बात का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि सीवेज के कनेक्शन मिलेंगे कब से? न इस बात का पता है कि खानपुरा में बने ट्रीटमेंट प्लांट का इस्तेमाल कब से होगा और न इस बात का पता है कि नया ट्रीटमेंट प्लांट वैशालीनगर में कब से बनना शुरू होगा। इस ट्रीटमेंट प्लांट के बिना सीवेज लाइन किस काम की और किसके काम की।
राजीव उद्यान को इंतजार
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पिछले कार्यकाल में ही पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की स्मृति में सराधना डबल फाटक के पास उद्यान बनाया गया था। प्रतिमा आज भी अनावरण का और उद्यान उद्घाटन की प्रतीक्षा में है। हैरानी है कि कांग्रेस के राज में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता रहे राजीव स्मृति उद्यान शुरू नहीं हो पा रहा।
झलकारी स्मारक
वीरांगना झलकारी की स्मृति में कुछ समय पहले बनाए गए झलकारी स्मारक को भी उद्घाटन के इंतजार में है।
यहां पर वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा लग चुकी है। इस वर्ष झलकारी की जयंती पर कोली समाज के लोगों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर यह जता दिया था कि उद्घाटन में देरी से वे खुश नहीं हैं।
अजमेर के सभी गांवों को बीसलपुर का पानी क्यों नहीं
बीसलपुर परियोजना अजमेर की प्यास बुझाने के लिए बनी थी। योजना पूर्ण हो चुकी है। अजमेर प्यासा है और प्यास जयपुर की बुझाई जा रही है। जयपुर को निरंतर पानी बढ़ाया जा रहा है, जबकि अजमेर के गांव फ्लोराइडयुक्त पानी पीने के लिए मजबूर हैं। नेहरू मिशन के तहत करोड़ों के काम पेयजल योजना के लिए मंजूर हो चुके हैं। इन्हें जल्द आरंभ कराया जाना चाहिए।