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शिक्षिका अंग्रेजी की मगर इंग्लिश में लिखना नहीं आता!
Bhaskar News
| Jul 29, 2012, 06:15AM IST

निदेशक ने कहा कि आप अंग्रेजी विषय की शिक्षिका हैं और एप्लीकेशन लिखकर लाई हो हिंदी में। अंग्रेजी में एप्लीकेशन लिखकर लाने की बात कहकर उन्हें वापस लौटा दिया। थोड़ी देर बाद जब शिक्षिका अंग्रेजी में एप्लीकेशन लिखकर लाई तो निदेशक ने उसे पढ़कर शिक्षिका को फटकार लगाते कहा, अंग्रेजी में एप्लीकेशन लिखना नहीं आता है तो क्या काम करेंगी? कैसे बच्चों को पढ़ाएंगी। पहले खुद की अंग्रेजी सुधारो। कौन सी स्कूल है आपकी, वापस देखने के लिए आऊंगा। इतना सुनकर शिक्षिका वापस लौट गई।
आप बताएंगी, मुझे क्या करना है?
ईटी सेल की निदेशक साधना जोशी ने दस पद तोड़ दिए जाने के मामले को लेकर शिक्षा निदेशक से मिली। आवेदन देते हुए उन्होंने राय दे दी कि सर, आप इसमें ऐसे कर सकते है। इतना सुनकर निदेशक गुस्से में बोले, आप बताओगी कि मुझे क्या करना है? इस पर जोशी ने सॉरी कहा और निदेशक की टिप्पणी लिखा हुआ आवेदन लेने के लिए खड़ी रही लेकिन उन्हें नहीं दिया गया।
फिजिक्स का मतलब क्या है?
पढ़ाते तो हो नहीं और परिवेदना में चले जाते हो। शर्म की बात है कि 11 वीं व 12वीं के बच्चे यह नहीं बता सकते कि फिजिक्स क्या है? इसका मतलब क्या है? अजमेर में लगने की बात भूल जाओ और गांवों की स्कूलों में जाकर पढ़ाओ। यह कहते हुए निदेशक ने शिक्षक कन्हैयालाल नवहाल से आवेदन तक नहीं लिया। बताया जाता है कि दो साल पूरे नहीं होने पर भी बिजयनगर स्कूल से राजेंद्र दीक्षित नामक शिक्षक का अजमेर में तबादला हो गया था।
दो साल की छुट्टी दे सकता हूं
साब! मैं विकलांग हूं। पिछले चार वर्ष से तबादला करवाने के लिए घूम रही हूं। रेबारी की ढाणी मसूदा में लगी हुई हूं। अजमेर से तीन बसें बदलने के बाद कहीं जाकर स्कूल पहुंच पाती हूं। मैं परेशान हो गई हूं। मेरा तबादला पुष्कर के आसपास कहीं कर दो। शिक्षिका मीनाक्षी चोरोटिया की बात सुनकर निदेशक ने दो टूक शब्दों में कहा कि वह आश्वासन देने में नहीं काम करने में विश्वास करते है। अभी तबादलों पर प्रतिबंध है। परेशान हों तो वे दो साल की छुट्टी दे सकता हूं ताकि आराम कर सको।
कैसे भी काम कर दो साब
एक शिक्षक ने अपनी समस्या बताने के बाद जब निदेशक से कहा कि साब ये काम कैसे भी कर दो, तो निदेशक कुछ समझ नहीं पाए। इस पर शर्मा ने जानकारी दी कि कह रहा है कैसे भी काम कर दो। तो निदेशक ने उन्हें लताड़ लगाई कि तुम्हें शर्म आनी चाहिए। इंसानियत तो रखो, काम तो नियमानुसार ही होगा ना, उन्होंने शिक्षक को चेताया कि वह अब उप निदेशक कार्यालय के चक्कर नहीं लगाए।
खुश हो गया युवक :
एक युवक की स्कूल टीसी पर डीईओ के काउंटर दस्तखत नहीं करने का मामला निदेशक के पास आया। कागजात देखकर निदेशक बोले, इसमें क्या तकलीफ है? डीईओ को बुलाइए। युवक ने निदेशक को धन्यवाद दिया तो वे बोले, जाओ अच्छी नौकरी लगो।
बच्चों, बताओ कौन है पाइथागोरस
सीनियर सेकंडरी स्कूल तोपदड़ा में एक कमरे में कक्षा 9 के विद्यार्थियों को गणित के सवाल हल करवाए जा रहे थे। शनिवार को इस कक्षा कक्ष में शिक्षा निदेशक प्राथमिक एवं माध्यमिक हरसहाय मीणा ने प्रवेश किया। मीणा ने छात्रों से पूछा कि पाइथागोरस कौन है? आप पाइथागोरस के बारे में क्या जानते हैं?
आपने पाइथागोरस के बारे में कब पढ़ा था? इस पर कक्षा में बैठे सभी छात्र एक दूसरे को देखने लगे। शिक्षा का यह हाल देख शिक्षा निदेशक मीणा ने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि गणित के सवाल हल कराने के बजाए विद्यार्थियों को बेसिक जानकारी दी जाए।
ताकि बाद में उन्हें किसी प्रकार की समस्या ना हो। तोपदड़ा स्कूल में संभाग स्तरीय समस्या समाधान शिविर के समापन के अवसर पर आए मीणा ने निरीक्षण के दौरान स्कूल का निरीक्षण किया। कक्षा 8 में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति पर उन्होंने शाला प्राचार्य से जानकारी मांगी।
प्राचार्य ने बताया कि लंच के बाद छात्र कम ही कक्षाओं में आते हैं। इस जवाब पर उन्होंने प्राचार्य को फटकार लगाते हुए कहा कि यह व्यवस्था नहीं चलेगी। जब तक शाला में अध्ययन कार्य चले छात्रों की उपस्थिति कम नहीं होनी चाहिए। मीणा ने व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने के निर्देश दिए।








