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सन्नाटे को चीरता मातम, पांच जनाजे को देख बैठ गया दिल

 
Source: Bhaskar News   |   Last Updated 05:37(08/02/12)
 
 
 
 
फतेहपुर/सीकर. एनएच 11 पर लगातार दूसरे दिन हुए हादसे में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई। बुद्धगिरीजी मढ़ी के पास मंगलवार तड़के ट्रक और इंडिका कार की भिडंत हो गई। मृतक तारानगर के वार्ड 11 बिसायतियान मोहल्ले के एक ही परिवार के हैं। मृतकों में मनोनीत पार्षद सहित उनके पुत्र, पुत्रवधू, भतीजा व भांजा शामिल हैं।


हादसा सुबह करीब साढ़े पांच बजे हुआ। हादसे के शिकार लोग तारानगर से जयपुर जा रहे थे। ट्रक में गैस सिलेंडर भरे थे। कार से टक्कर होने के बाद ट्रक सड़क ने नीचे उतर कर करीब 15 फीट दूर 11 हजार केवी की बिजली लाइन के पोल से टकरा गया। जिससे तारों में स्पार्किग होने लगी। पुलिस ने बिजली सप्लाई बंद करवाई।


सुबह करीब साढ़े पांच बजे सीकर की ओर जा रही इंडिका कार सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। कार सवार तारानगर के वार्ड 11 बिसायतियान मोहल्ला निवासी नगर पालिका के मनोनीत पार्षद हाजी इशाक मोहम्मद (70) पुत्र हसन खां, उसके पुत्र मोहम्मद रफीक (44) पुत्र वधू शमीम बानो (38), भतीजा मोहम्मद शकील (30)पुत्र मंजूर अहमद व भांजा मोहम्मद जाकिर (25) पुत्र सलामुद्दीन की मौके पर ही मौत हो गई।


पांच जनाजे देख बैठ गया दिल


तारानगर.वार्ड 11 में मंगलवार दोपहर बाद घरों में खामोशी, गलियों में सन्नाटा और तीन घरों में सन्नाटे को चीरते मातम के स्वर बड़ी अनहोनी की दास्तां कहते नजर आए।


फतेहपुर के पास मंगलवार तड़के सड़क हादसे में वार्ड के एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत की खबर से परिजन व कस्बेवासी सकते में रह गए। मातम और आंसुओं के बीच कस्बे के लोगों के मुख से केवल इतना ही निकला ‘या खुदा ! रहम कर.. ऐसा किसी के साथ न हो।’


बेटी का रिश्ता करने आया था रफीक : रफीक सात-आठ दिन पहले ही सऊदी अरब से अपनी बेटी का रिश्ता तय करने के लिए तारानगर आए थे। वे इस बार पत्नी शमीम बानो को भी साथ ले जाना चाहते थे। इसके लिए पासपोर्ट संबंधी कार्रवाई को लेकर दोनों जयपुर जा रही कार में साथ हो लिए।


डेढ़ महीने पहले हुई थी जाकिर की शादी : हादसे में मौत का शिकार जाकिर पुत्र सलामुद्दीन इंजीनियर था। वह मंगलवार को मस्कट जा रहा था। जाकिर की दिसंबर 2011 में ही शादी हुई थी।


गमगीन हो गया माहौल : जैसे जैसे हादसे की सूचना कस्बे में फैली, लोगों का पार्षद के घर पहुंचना शुरू हो गया। शव के इंतजार में लोग घरों के बाहर बैठे रहे। घरों में महिलाओं का मातम सुनकर आम लोगों के आंसू छलक पड़ते।


दोपहर में जैसे ही पांचों शव कस्बे में पहुंचे, चीत्कार फूट पड़ीं। परिजन बदहवास से हो गए। तीन शव एक घर में तथा एक-एक शव पास के घरों में उतारे गए। हादसे की खबर मिलते ही कस्बे की कई दुकानें बंद कर दी गईं। शाम को शव दफनाए जाने तक कई घरों में चूल्हा नहीं जला।


मानो मौत बुला रही थी..


जाकिर मंगलवार को मस्कट जा रहा था। उसे सुबह सांगानेर एयरपोर्ट पहुंचाने के लिए ये लोग कार से रवाना हुए थे। कार जयपुर जाते देख ईसाक अपने स्वास्थ्य की जांच करवाने के मकसद से साथ हो लिए। उनके बेटे रफीक भी पत्नी का पासपोर्ट बनवाने के लिए साथ चल पड़े। शकील पेशेवर ड्राइवर है जिसने इन्हें जयपुर ले जाने का मानस बना लिया। तय कार्यक्रम के अनुसार साथ सभी सुबह निकल गए और हादसे का शिकार हो गए।
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
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