आखिरी बार भी नहीं देख पाए बेटे का मुंह
Source: Bhaskar News | Last Updated 06:58(08/02/12)
कोटा. आईआईटी की कोचिंग करने कोटा आए बेटे की आत्महत्या की खबर सुन कुनाल के माता-पिता को गहरा सदमा लगा। जिससे उनकी तबियत बिगड़ गई और उन्हें बेगूसराय के अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके चलते वे बेटे का शव लेने कोटा भी नहीं आ पाए और न ही आखिरी बार बेटे को देख पाए।
मंगलवार सुबह दिल्ली से यहां पहुंचे मृतक के मामा ने यहीं अंतिम संस्कार कर दिया। गौरतलब है कि बेगूसराय निवासी कुनाल (18) ने सोमवार को महावीर नगर तृतीय स्थित अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक और उसका छोटा भाई प्रिंस कोटा में आईआईटी की कोचिंग कर रहे थे। घटना के समय प्रिंस कोचिंग गया हुआ था। लौटने पर उसे कमरा अंदर से बंद मिला। पड़ोसियों ने जब दरवाजा तोड़कर खोला, तो कुनाल का शव फांसी पर लटका मिला।
माता-पिता सदमे में
मृतक के मामा डॉ. मनीष कुमार ने बताया कि कुनाल के माता-पिता बेटे की मौत से गहरे सदमे हैं। उन्हें बेगूसराय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने माता-पिता से बात करनी चाही तो उनका फोन नहीं लगा।
मनीष ने मृतक के चाचा रणजीत से बात कराई, तो रणजीत ने पुलिस से शव मनीष को सौंपने को कहा। कोचिंग से आए प्रतिनिधियों ने डॉ. मनीष के आग्रह पर मृतक छात्र का अंतिम संस्कार कोटा में ही कराने की व्यवस्था कराई। इसके बाद केशवपुरा मुक्तिधाम में कुनाल का दाहसंस्कार कर दिया गया।