जेके लोन अस्पताल में 115 बेड बढ़ाने की तैयारी

कोटा. प्रसूताओं एवं शिशु रोगियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए जेके लोन अस्पताल में अब 115 बेड और बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
इसके लिए लगभग 13 करोड़ का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जा चुका है। लेकिन यदि सरकार ने इसे मंजूरी दे दी तो भी बेड की संख्या केवल 392 होगी जबकि, जरूरत लगभग 415 की है।
संभाग के सबसे बड़े इस अस्पताल में कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ के अलावा सीमावर्ती क्षेत्र से भी प्रसूताएं एवं बच्चे उपचार कराने पहुंचते हैं। 12 सितंबर 2011 को जननी शिशु सुरक्षा योजना शुरू होने के बाद इस अस्पताल में 30 प्रतिशत प्रसव बढ़ा है।
कई मर्तबा तो प्रसूताओं को बैड तक उपलब्ध नहीं हो पाते। जबकि अस्पताल में स्वीकृत बेड से डेढ़ सौ बेड ज्यादा लगे हैं और वे भी कम पड़ जाते हैं। हालात को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने सरकार से 115 बेड और बढ़ाने की गुजारिश की है।
चार नए वार्ड की ड्राइंग तैयार:
अस्पताल में चार नए वार्ड बनाए जाने के लिए ड्राइंग तैयार हो चुकी है। जिसे मंजूरी के लिए जयपुर भेजा गया है। इसमें 2 गायनी के तथा 2 शिशु रोग विभाग के होंगे।
इन चार वार्डों के बनने के बाद अस्पताल को 120 बेड मिल जाएंगे। जिसमें 60 गायनी के तथा 60 शिशु रोग विभाग के होंगे। इसी प्रकार पीजी अपग्रेडेशन के तहत भी 3 वार्ड बनाए जाने हैं।
बेड बढ़ाना जरूरी
अस्पताल में बेड बढ़ाना जरूरी है, प्रतिदिन लगभग 30-35 प्रसव हो रहे हैं जिससे बेड कम पड़ रहे हैं। इसलिए सरकार को 115 बेड बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा है।
-डॉ. आरपी.रावत, अधीक्षक, जेके लोन अस्पताल






