किसी ने भी नहीं रोका हमारी बेटी का पदक
Source: Bhaskar News | Last Updated 08:56(10/02/12)
सीकर/अजमेर. अजमेर में आयोजित दीक्षांत समारोह में मेरिट होल्डर प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों की सूची में सीकर के 22 बच्चों सहित प्रदेश के कुल 205 बच्चे शामिल थे।
बोर्ड की ओर से प्रदेश के 49 अनुपस्थित बच्चों सहित कंचनपुर की दिवंगत सरोज यादव का मेडल उसके घर भेजा जएगा। जैसा कि बोर्ड के नियमों के अनुसार पदक केवल मौजूद रहने वाले बच्चों को ही दिया जाता है जबकि अनुपस्थित रहने या दिवंगत हो जाने पर उनका मेडल निवास के पते पर भेजे जाने का प्रावधान है।
कार्यक्रम के दौरान सरोज यादव के लिए तो बोर्ड ने यह भी कहा है कि उसका नाम सूची में पहले दिन से ही है। ऐसे में यह सवाल ही नहीं उठता है कि उसका पदक घर नहीं पहुंचे। सरोज के नाम सहित सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों की सूची एक दिन पहले ही अखबारों में भी प्रकाशित हुई है।
सड़क दुर्घटना का शिकार हुई सरोज यादव ने 12वीं कला वर्ग में मेरिट में चौथा स्थान हासिल किया था। इसलिए वह सिल्वर मेडल की हकदार है। जिले के कुल 22 बच्चों में नौ बच्चे 12वीं व 13 बच्चे कक्षा 10वीं के हैं। विज्ञान व कला वर्ग में दो बच्चे प्रदेश में टॉपर रहने पर उन्हें गोल्ड मेडल दिया गया। बाकी 20 बच्चों को सिल्वर पदक।
बोर्ड के नियमों में ये है प्रावधान
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ सुभाष गर्ग का कहना है कि समारोह में पदक केवल बच्चों को ही दिया जाता है, परिजनों को नहीं। इसलिए जो बच्चे दीक्षांत समारोह में उपस्थित नहीं रहते, पदक उनके घर भेज दिया जाता है।
यदि किसी विद्यार्थी की मेरिट में आने के बाद मृत्यु हो जाती है तो उसका पदक भी परिजनों को भेज दिया जाता है। 12वीं कला वर्ग में चौथा स्थान प्राप्त करने वाली सरोज यादव सिल्वर पदक की हकदार है। बोर्ड नियमानुसार उसका मेडल घर भेजा जाएगा। इधर, जिला शिक्षा अधिकारी बिरदा सिंह रावत का भी कहना है कि सरोज यादव का नाम जिले के 22 बच्चों की सूची में था।