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अभ्यर्थी परेशान, मंडल बेपरवाह, खूब हो रही धांधली

 
Source: Dainik Bhaskar News   |   Last Updated 08:31(09/02/12)
 
 
 
 
अजमेर। अभ्यर्थियों के लिहाज से राज्य की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षा यानी पटवारी सीधी भर्ती प्रतियोगी परीक्षा करवाकर राजस्व मंडल भले ही अपनी पीठ थपथपा रहा हो, लेकिन परीक्षा होने से लेकर परिणाम जारी होने के बाद तक एक के बाद एक गड़बड़िया सामने आ रही है। अभ्यर्थी परेशान है और सूचना के अधिकार के तहत अपनी ‘आंसर शीट’ को ‘आसंर की’ से मिलाने व सही गलत प्रश्नों को खंगालने में जुट गए हैं।

25 सितंबर 2011 को हुई इस परीक्षा में तकरीबन सात लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा होने के बाद राजस्व मंडल प्रशासन ने अपनी पीठ थपथपाई और इतनी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने के बावजूद शांतिपूर्ण तरीके से बिना किसी गड़बड़ी के परीक्षा संपन्न कराने का दावा किया। लेकिन परीक्षा होते ही पहली गड़बड़ी सामने आई जिसमें कई प्रश्न त्रुटिपूर्ण पाए गए वहीं कुछ ‘आंसर की’ के कई उत्तर भी विवादित पाए गए।

मंडल प्रशासन ने आश्वासन दिया कि विवादित प्रश्नों के संबंध में परीक्षा समिति से जांच कराई जाएगी और परीक्षा समिति की राय में जो प्रश्न त्रुटिपूर्ण होंगे उनको पूर्णाक में शामिल नहीं किया जाएगा और बोनस अंक देंगे। लेकिन परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद अब अभ्यर्थी सूचना के अधिकार कानून के तहत आंसर की और अपनी आंसर शीट की नकल ले रहे है तो प्रश्नों में गड़बड़ी के नए मामले सामने आ रहे हैं।

लेकिन अब हरेक जिले का प्रश्न पत्र अलग होने की जानकारी मिली है, ऐसे में किस जिले में कितने प्रश्न त्रुटिपूर्ण थे और उनकी वजह से कितने अभ्यर्थियों को ऐसे त्रुटिपूर्ण प्रश्नों की वजह से खामियाजा उठाना पड़ा, यह पूरी जांच होने पर ही मालूम हो सकेगा। प्रश्न त्रुटिपूर्ण हैं अथवा नहीं, यह राजस्व मंडल की परीक्षा समिति पर निर्भर रहा, ऐसे में कितने प्रश्न त्रुटिपूर्ण माने गए है व कितने अभ्यर्थियों को बोनस अंक मिले है यह भी केवल मंडल प्रशासन ही जानता है।

त्रुटिपूर्ण प्रश्न के बाद अब गलत ‘आंसर की’ का मुद्दा सामने आने के बाद मंडल प्रशासन ने विशेषज्ञ समिति गठित करने का भी दावा किया है। यह विशेषज्ञ समिति सही उत्तर की जांच करेगी और उसकी रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि रिजल्ट को रिव्यू करने की जरूरत है या नहीं? इस मुद्दे पर बुधवार को मंडल के रजिस्ट्रार से लेकर विभिन्न आला अधिकारियों से मिल कर पक्ष जानने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने व्यस्तता जाहिर कर दी।

पहले यह थे विवादित प्रश्न -
1. एक वृत्त और एक वर्ग का क्षेत्रफल बराबर है उनके परिमाप का अनुपात क्या होगा?
2. एक कक्षा में कुल 24 छात्र हैं। इनमें से 6 छात्रों की औसत लंबाई 1 मीटर 15 सेमी., 8 छात्रों की औसत लंबाई 1 मीटर 5 सेमी. तथा शेष छात्रों की लंबाई 1 मीटर 11 सेमी. है तो कुल छात्रों की औसत लंबाई बताओ?
3. पांच संख्याओं का औसत 30 है। प्रथम चार संख्याओं का औसत 25 तथा अंतिम 3 संख्याओं का औसत 35 है। चौथी संख्या ज्ञात करो?

परिणाम के बाद इस प्रश्न पर विवाद
राजस्व मंडल अध्यक्ष को अजमेर के एक अभ्यर्थी ने सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त अपनी आंसर शीट और प्रश्न पत्र के आधार पर क्रम संख्या 149 के उत्तर को गलत बताया है। अभ्यर्थी हेमराज जाट ने आसंर की में अंकित उत्तर ‘ए’ को गलत ठहराते हुए सही उत्तर ‘बी’ बताया व परिणाम संशोधित करने की मांग की है। यह प्रश्न है - 3:5 के प्रत्येक पद में क्या जोड़े कि यह अनुपात 5:6 हो जाए ? आसंर की में इसका उत्तर 13 बताया गया है जो ‘ए’ में अंकित है जबकि अभ्यर्थी ने गणित विशेषज्ञ से हल कराने के आधार पर उत्तर 7 होना बताया है जो विकल्प ‘बी’ है।
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
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