आगे-आगे सफाई, पीछे एमसीआई
Source: dainik bhaskar news | Last Updated 05:28(07/02/12)
कोटा. मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में बढ़ाई गई 50 सीटों की अस्थाई मान्यता के लिए सोमवार को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की टीम ने एमबीएस, जेकेलोन व आरकेपुरम स्थित मेडिकल कॉलेज के नए अस्पतालों का निरीक्षण किया। आगे-आगे अस्पतालों का स्टाफ झाडू-पौंछा, पुताई-सफाई और अव्यवस्थाओं को ढंकते जा रहा था, पीछे-पीछे टीम सब पर संतुष्टि जताते हुए आगे बढ़ती गई।
डॉक्टरों और नर्सिगकर्मियों को वर्दी (एप्रिन) पहने तथा ज्यादा अलर्ट देख मरीज भी हैरत में थे। सोमवार को उनकी खातिर भी आम दिनों से कुछ ज्यादा हुई। मेडिकल टीम वहां से हटी तो फिर वही ढर्रा अस्पतालों में दिखा।
निरीक्षण को लेकर अस्पतालों में सब कुछ बदला-बदला सा था।
अस्पताल परिसर, आउटडोर, इनडोर में सफाई के विशेष इंतजाम थे। नर्सिग स्टाफ व अन्य कर्मचारी मरीजों की सारसंभाल में लगे थे। निरीक्षण के दौरान टीम के सदस्यों ने डॉक्टरों का फिजिकल वेरीफिकेशन भी किया, जिसमें डॉक्टरों की डिग्री, रजिस्ट्रेशन को भी देखा गया। अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं जांची और पूछताछ की।
डॉक्टर व नर्सिग स्टाफ एप्रिन में
निरीक्षण को देखते हुए सोमवार को अस्पताल में अधिकतर डॉक्टर एप्रिन में व नर्सिग स्टाफ सफेद वर्दी में नजर आया, जबकि आम दिनों में ऐसा नहीं होता। नर्सिग स्टाफ रंग-बिरंगे कपड़ों में ज्यादा दिखाई देता है।
ऐनवक्त पर तैयारी
एमबीएस अस्पताल में तो हालात यह थे कि ऐन वक्त पर तैयारियां की जा रही थी। जैसे मेल सर्जिकल वार्ड के पास की दीवारों व अस्पताल मुख्य भवन की दीवारों पर बाहरी क्षेत्र में पुताई की जा रही थी। जिस तरफ एमसीआई के दल के आने की उम्मीद थी, वहां सफाई कर्मी नियमित सफाई करने में लगे थे। इसी प्रकार के हालात जेके लोन अस्पताल में थे। सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा था। आउटडोर व इनडोर में पहले से व्यवस्थाएं सुधारी गई थी।
ये थे टीम में: एसीबी मेडिकल कॉलेज कटक के फोरेंसिक मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. ए.बेरा, बड़ौदा मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. आरएन. देवेश्वर व बीजे मेडिकल कॉलेज पुणो के फीजियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. एसएम.वैद शामिल थे।