नियमन के लिए पटवारियों ने शुरू की मौका जांच
अजमेर.नगर सुधार न्यास ने वर्षों से लंबित और शिविर में जमा की जा रही कृषि भूमि की फाइलों का निस्तारण करने के लिए पटवारियों से मौका जांच शुरू करा दी है। जांच में कई तकनीकी अड़चन भी सामने आ रही हैं।
न्यास में पिछले दस साल से सात हजार से अधिक फाइलें लंबित पड़ी हुई हैं। शिविर लगाने के बाद आवेदकों में इस बात को लेकर संशय था कि उनके द्वारा पूर्व में लगाई गई फाइल सही सलामत भी हैं या नहीं। इस चक्कर में कई आवेदकों ने दुबारा फाइलें लगा दीं। इस समस्या से निबटने के लिए न्यास ने लंबित फाइलों की सूची चस्पा कर दी।
सूत्रों के अनुसार अभी तक अभियान में नियमन की 1500 फाइलें जमा हुई हैं। यानी अभी तक नियमन की कुल फाइलों की संख्या 8500 हो गई हैं। अभियान 25 दिसंबर तक चलेगा। इस अवधि में इतनी फाइलों का निस्तारण होने की संभावना नहीं है। इस वजह से ही सरकार ने शिविर में हुई जमा फाइलों के निस्तारण का समय 31 मार्च 2013 तक दिया है। न्यास ने मार्च के पहले सभी फाइलों का निस्तारण करने के लिए क्षेत्रवार पटवारियों से फाइलों की मौका जांच शुरू करा दी है।
फाइलों में खामी होने पर सूची भी चस्पा कर रहा है, ताकि आवेदक अपनी कागजी कार्रवाई पूरी कर दे। पटवारियों को मौका जांच में कई तरह की तकनीक अड़चनें आ रही है। सूत्रों के मुताबिक कई आवेदकों ने ऐसी रजिस्ट्रियां पेश की हैं, जिसमें खसरा नंबर ही नहीं हैं। मौका जांच में सामने आया कि कई खातेदार कागजों में अन्य की खातेदारी भूमि पर बसे हुए हैं। जबकि आवेदक ने उस खातेदार से जमीन ही नहीं खरीदी है। इसके चलते इनका नियमन होना संभव नहीं है।
नियमानुसार ऐसे आवेदकों को सरकारी भूमि पर काबिज होना मानकर उनका नियमन किया जा सकता है। इसी प्रकार कई आवेदकों की रजिस्ट्री में खसरा नंबर दूसरा है लेकिन वे दूसरों के खसरों पर बैठे हैं। ऐसे आवेदकों के नियमन में भी तकनीकी अड़चन आ रही है। कई क्षेत्रों में पीटी सर्वे अथवा ले आउट प्लान ही स्वीकृत नहीं है। इससे भी दिक्कतें आ रही हैं। 25 दिसंबर तक सभी क्षेत्रों के आवेदन शिविर में लेने के बाद न्यास इन मामलों में ठोस कार्रवाई करेगा।








