भाटिया के पद्मश्री ने बढ़ाया अजमेर का मान
Source: Bhaskar News | Last Updated 07:05(07/02/12)
अजमेर.सांस्कृतिक संस्था सप्तक के सलाहकार मंडल के सदस्य, जाने-माने फिल्मी संगीतकार, बैकग्राउंड म्यूजिशियन और जिंगल किंग वनराज भाटिया को पद्मश्री सम्मान प्रदान किया जाएगा। केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या को घोषित पद्म सम्मानों की सूची में भाटिया का नाम शामिल किया हैं। उन्हें ये सम्मान राष्ट्रपति भवन में होने वाले आगामी समारोह में प्रदान किया जाएगा।
भाटिया का अजमेर से खास रिश्ता है। वह संस्था के संस्थापक ललित कुमार शर्मा के आग्रह पर दो बाहर अजमेर आ चुके हैं। उन्हें दो बार शहर में सम्मानित भी किया गया।उन्हें पहली बार अजमेर संगीत सम्मेलन में नाद शिरोमणि और सप्तक के 28 मार्च 2009 को आयोजित नवसृजन कार्यक्रम में केशव-माधव सम्मान प्रदान किया गया था।
उनके नाम पर सप्तक संस्था ने सन 1994 में संगीतकार वनराज भाटिया सम्मान शुरू किया।इसके अंतर्गत फिल्मी दुनिया के संगीतकार को 11 हजार रुपए नकद, स्मृति चिह्न् और श्रीफल प्रदान किया जाता है। अब तक ये सम्मान सुरेश सोनी, अजीज मोहम्मद, नरेंद्र वकील शेखर वर्बे सहित अन्य संगीतकारों को दिया गया है। सदस्यों ने पद्मश्री मिलने का भाटिया को बधाई देते हुए अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना की है।
वनराज भाटिया एक परिचय
मुंबई में 31 मई1927 को जन्मे भाटिया ने रॉयल एकेडमी ऑफ लंदन और पेरिस से म्यूजिक कंपोजिशन कोर्स का अध्ययन किया।उन्हें एकेडमी ने 1954 में गोल्ड मेडल और फ्रेंच सरकार ने स्कॉलरशिप भी प्रदान की।उन्होंने अंकुर, मंथन, भूमिका, जुनून, 36 चौरंगी लेन, सरदारी बेगम जैसी कई फिल्मों में संगीत दिया। भाटिया ने बेटा, परदेश, घातक, अजूबा, दामिनी जैसी कई फिल्मों में भी बैकग्राउंड म्यूजिक दिया।
उन्होंने खानदान, भारत एक खोज जैसे कई लोकप्रिय टीवी सीरियल्स को भी अपने संगीत से सजाया। उन्हें 1988 में तमस सीरियल के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। उनके अनंत, भगवत गीता, द स्प्रिट ऑफ उपनिषद, इंडियन मेडिटेशन ऑफ म्यूजिक जैसे कई एलबम भी आ चुके हैं।