दूध से मक्खन की तरह चुनें लोकसेवक : जितेंद्र सिंह
Source: dainik bhaskar news | Last Updated 08:32(10/02/12)
अजमेर। जल संसाधन, ऊर्जा, सूचना एवं जन संपर्क मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि लोक सेवा आयोगों का दायित्व है कि जिन लोगों को वे लोक सेवा के लिए भेज रहे हैं उनका चयन दूध में से मक्खन निकालने की तरह हो। वे गुरुवार को अजमेर में राजस्थान लोक सेवा आयोग के 14 वें राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं का चयन करना बड़ी चुनौती है। जिसे राज्य आयोगों द्वारा बखूबी निभाया जा रहा है। चयन के प्रति विश्वास कायम रहना भी आयोगों की बड़ी उपलब्धि है।
सिंह ने कहा कि राजस्थान लोक सेवा आयोग ने विभिन्न परीक्षाओं का आयोजन और सवरेत्तम चयन करने में उच्च मानदंड स्थापित किए हैं। सीमित संसाधनों के अधिकतम उपयोग से यह और भी महत्वपूर्ण है। डॉ. सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रदेश के समग्र विकास और गरीब की सेवा को ध्यान में रखते हुए कार्य कर रहे हैं। राज्य की सात करोड़ जनता को मुफ्त चिकित्सा 2 अक्टूबर से शुरू करके गरीब की सेवा करने का संदेश देशभर में पहुंचा है। इसीलिए जननी सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण बीपीएल आवास योजना जैसी योजनाएं प्रारंभ की गई हैं।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम यहां हुए हैं। राज्य में 25 विश्वविद्यालय हैं। 35 और नए विश्वविद्यालय बनाने का काम जारी है। उर्जा के क्षेत्र में राज्य देश के अग्रणी राज्यों में है। यहां वैकल्पिक व सौर उर्जा का उत्पादन भी होने लगा है। डॉ. सिंह ने कहा कि देश भर में हर क्षेत्र में प्रतिभाएं हैं जिनका उपयोग विदेशों में बहुतायत से हो रहा है।
पारदर्शिता बनाएं
सम्मेलन को संबोधित करते हुए संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. डी पी अग्रवाल ने देश के सभी राज्य लोक सेवा आयोगों की सर्वश्रेष्ठ का चयन करने की प्रक्रिया और कार्य की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान युग सूचना व प्रौद्योगिकी का युग है। इसका अधिकतम उपयोग कर कार्यो में पारदर्शिता का प्रयास करना चाहिए। आरपीएससी द्वारा ऑन लाइन परीक्षाएं आयोजित करने की तहेदिल से सराहना करते हुए अग्रवाल ने कहा कि हमारा उद्देश्य योग्यता का चयन करना है और हम उसे पूरा कर रहे हैं। उन्होंने अध्यक्षों से अनुरोध किया कि वे चयन प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने के प्रयास करें। चयन प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में सिविल सर्वेंट को कई बार विपरीत परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। संघ व राज्य लोक सेवा आयोग पब्लिक सर्वेंट का चयन विकास की धुरी के रूप में करते हैं जो एक जटिल काम है। यदि काम करने का वातावरण अच्छा नहीं मिलेगा तो वे काम के साथ न्याय नहीं कर सकेंगे।
हमने बनाई अलग पहचान
राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष प्रो. बी एम शर्मा ने कहा आयोग कई ने क्षेत्रों में अभिनव कार्य कर अपनी पहचान स्थापित की है। चालू वर्ष में ही सी श्रेणी के 23 हजार 133 से अधिक पदों के लिए विज्ञप्तियां जारी की गई, जो आयोग के इतिहास में सर्वाधिक हैं। वर्ष 2011-12 में 55 परीक्षाएं आयोजित कर रिकार्ड बनाया गया। 12 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा ली गई जिनमें 8 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा बीते दिसंबर माह में ही ली गई। आयोग द्वारा साक्षात्कार में भी नए प्रयोग किए गए हैं। वित्तीय वर्ष में आयोग को 24 करोड़ रुपए की राजस्व आय हुई है।
आयोग देश का पहला आयोग है जहां कंप्यूटर लैब खोली गई है। प्रो शर्मा ने संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष सहित सभी अध्यक्षों का स्वागत करते हुए आयोग द्वारा बनाए गए अतिथि गृह की भी जानकारी दी। जहां सभी गोपनीय कार्य किए जाएंगे। आयोग सचिव के के पाठक ने अपने पॉवर प्रजेंटेशन के माध्यम से आयोग की नवीनतम कार्य प्रणाली की जानकारी दी। कर्नाटक लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सम्मेलन की स्टेंडिंग कमेटी के अध्यक्ष गोनल भीमापा ने सम्मेलन के उद्देश्यों और कार्यो के बारे में जानकारी दी। दो दिवसीय सम्मेलन में देश के 23 राज्यों के लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष भाग ले रहे हैं।
सम्मेलन में आयोग के पूर्व अध्यक्ष एमएल कुमावत, आयोग के सदस्य डॉ. पी के दशोरा, कन्हैया लाल बैरवा, ब्रrा सिंह गुर्जर, डॉ. हबीब खान गोरान, एसपीएल नांगल मौजूद थे।
अतिथि गृह का लोकार्पण
ऊर्जा मंत्री ने इससे पहले आयोग परिसर में नवनिर्मित अतिथि गृह का लोकार्पण किया। इस मौके पर शिक्षा राज्यमंत्री नसीम अख्तर इंसाफ, निगम के महापौर कमल बाकोलिया, यूआईटी अध्यक्ष नरेन शाहनी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र सिंह रलावता, राजस्व मंडल अध्यक्ष मीनाक्षी हूजा, एमडीएस यूनिवर्सिटी के कुलपति रूप सिंह बारेठ, डिस्कॉम के एमडी पीएस जाट भी मौजूद थे।