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सरकार सभी को नहीं पिला सकती शुद्ध पानी

 
Source: Bhaskar News   |   Last Updated 06:03(24/01/12)
 
 
 
 
जयपुर.प्रदेश के सभी गांवों को वर्ष 2012 तक शुद्ध पानी पिलाए जाने के मामले में राज्य सरकार ने हाथ खड़े कर दिए। भारत निर्माण योजना के तहत केन्द्र सरकार ने राज्य को यह लक्ष्य दिया था। सरकार ने योजना आयोग से कहा कि इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए अवधि बढ़ाने के साथ ही 65000 करोड़ और राजस्थान को विशेष दर्जा भी देना होगा।

योजना आयोग की सदस्य सईदा हमीद ने सोमवार को यहां अधिकारियों के साथ राज्य की योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने राजस्थान में घटते लिंगानुपात पर चिंता जताई। सईदा ने कहा कि राजस्थान का प्लान मंजूर होगा। इसकी वजह यह है कि राजस्थान और केन्द्र सरकार के एप्रोच पेपर में कोई विरोधाभास नहीं है।

बैठक में पानी, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन आदि विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। राज्य में बिजली कंपनियों का बढ़ता घाटा चिंता का विषय है। कंपनियों को धीरे-धीरे टैरिफ बढ़ाना चाहिए। केन्द्र सरकार इसमें क्या मदद कर सकती है, इस बारे में भी हम विचार कर रहे हैं।

प्रमुख स्वास्थ्य सचिव बी.एन.शर्मा ने कहा कि घटते लिंगानुपात पर नियंत्रण के लिए मुखबिर योजना लागू की गई। भ्रूण परीक्षण पर प्रभावी ढंग से रोक लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। एसीएस (वित्त) सी.के. मैथ्यू ने कहा कि लिंगानुपात सुधारने के लिए जल्दी ही एक टास्क फोर्स गठित की जाएगी।

बैठक में मुख्य सचिव एस.अहमद, एसीएस (यूडीएच) पी.के.देब, एसीएस (जल संसाधन) रामलुभाया, एसीएस (वित्त) सी.के मैथ्यू, एसीएस (ग्रामीण विकास) सी.एस.राजन, अल्पसंख्यक मामलात विभाग के प्रमुख सचिव रोहित ब्रांडन, आयुक्त सर्व शिक्षा अभियान वीनू गुप्ता, महिला अधिकारिता विभाग की सचिव सरिता सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
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