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नेताओं ने दी लालीपॉप और मान गए पार्षद
Bhaskar News
| Jul 30, 2012, 07:23AM IST

पार्षदों के ऐलान के बाद रविवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव सलीम भाटी ने इंडोर स्टेडियम में नाराज पार्षदों को बुलाकर अकेले बातचीत की।
सूत्रों के अनुसार बैठक में पार्षदों ने कहा कि मेयर ने गुटबाजी कर रखी है। अपने खेमे के पार्षदों के कार्यो को वरीयता देते हैं, जबकि उनके द्वारा बताए गए कार्यो को नजरअंदाज कर देते है। कांग्रेस का मेयर होने के बावजूद निगम में भाजपा पार्षदों की अनुशंसा पर अधिक कार्य हो रहे हैं। पार्षद नौरत गुर्जर ने कहा कि मेयर ने उनके वार्ड में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया था, जिसमें जमादार के माध्यम से उन पर झूठे आरोप लगाए गए। इससे उनकी व्यक्तिगत छवि के साथ पार्टी की छवि भी खराब हुई। पार्षद शर्मा ने कहा कि निगम में भ्रष्टाचार का नंगा नाच हो रहा है।
भ्रष्ट अधिकारियों को निगम से हटाया जाना चाहिए। मेयर को पार्षदों की बात को अहमियत देनी चाहिए। कुछ पार्षदों का कहना था कि उनके वार्ड में नाम मात्र के विकास कार्य हुए है। मेयर को शिकायत करते हैं तो कोई कार्रवाई नहीं होती है। भाटी ने पार्षदों के शिकवे सुनने के बाद शहर अध्यक्ष महेन्द्र सिंह रलावता को बुलाया। रलावता ने भी पार्षदों से विचार विमर्श किया। भाटी ने पार्षदों को आश्वासन दिया कि वे अपने स्तर भी मुख्यमंत्री से बात करेंगे। थोड़ी ही देर बाद मेयर को भी बुला लिया गया।
मेयर ने पार्षदों को भरोसा दिलाया कि समान रूप से सभी वार्डो में विकास कार्य कराए जाएंगे। वे सभी पार्षदों को साथ लेकर चलेंगे। इसके बाद पार्षद राजी हो गए। भाटी से बात करने वाले पार्षदों में मोहनलाल शर्मा, विजय नागौरा, नौरत गुर्जर, श्रवण टोनी, सुरेश भडाना, विजय यादव, मुबारक अली चीता पार्षद नीता केन के पति सुनील केन, पार्षद सोनल मौर्य के पति संजय, पार्षद सुनील कोठारी के भाई अनिल कोठारी सहित अन्य लोग मौजूद थे।
यह है मामला
गौरतलब है कि शुक्रवार को आठ कांग्रेसी पार्षदों ने मेयर की कार्यप्रणाली को लेकर सीएम का ध्यान आकर्षित करने के लिए 30 जुलाई को कलेक्ट्रेट पर धरना देने का ऐलान किया था। इसके बाद मेयर ने पलटवार करते पार्षद नौरत गुर्जर, नीता केन, जिया देवी और सोनल मौर्य के वार्डो का निरीक्षण कर उन्हें आईना दिखाने की कोशिश की।
मेयर के खिलाफ सुर उठाने में सबसे आगे नौरत गुर्जर थे। मेयर ने शहर अध्यक्ष से शिकायत कर कहा कि संगठन पार्टी की छवि खराब करने वाले पार्षदों के खिलाफ उचित कार्रवाई करे । तथा उचित मंच पर ही अपनी पात कहने के लिए पार्षदों को पाबंद किया जाए।
'दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद ऐसा लगता है कि मेयर और पार्षदों के बीच सामंजस्य की कमी है। दोनों पक्षों को साथ बैठाकर गलतफहमियों को दूर करने का प्रयास किया है। दोनों पक्षों को मिलकर शहर में विकास कार्य कराने की नसीहत दी है। पार्षद अब धरना नहीं देंगे।'
सलीम भाटी, सचिव, प्रदेश कांग्रेस कमेटी








