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नशे का नया फॉर्मूला ‘इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट’

 
 
 
Source: शैलेंद्र माथुर   |   Last Updated 05:23(13/02/12)
 
 
 
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नशे का नया फॉर्मूला ‘इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट’
 
 
 
 
 
 
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कोटा. स्टूडेंट्स को तनाव मुक्ति का रामबाण इलाज बताकर नशे की लत में डालने वालों ने हाल में नया पैंतरा इजाद किया है। पहले हुक्के के माध्यम से खुशबू व तंबाकू का नशा करवाया जाता था और अब इसकी जगह फ्लेवर्ड सिगरेट बेची जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के नाम से शहर की दुकानों व हुक्का पार्लर पर बिक रही ये सिगरेट बिल्कुल हुक्के की तरह है।

 

हुक्का और हुक्का पार्लर को कानून ने नशे की श्रेणी में माना है और इनके उपयोग व बेचने पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। इस प्रतिबंध को अभी तक पूरी तरह से अमल में भी नहीं लाया जा सका था कि नशे के सौदागरों ने युवा पीढ़ी को बर्बाद करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट इजाद कर दी।

 

ये इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट बिल्कुल तंबाकू की सिगरेट की तरह कलर व आकार-प्रकार की है। फर्क इतना है कि ये सिगरेट पीछे से खुलती है और उसमें अपनी मनचाहा तंबाकू मिश्रित फ्लेवर्ड का ढक्कन लगाया जाता है। जिसे कारटेज के नाम से जाना जाता है।

 

कारटेज के नाम से ही ये फ्लेवर्ड बाजार में मिलते हैं। हर बार नशा करने के लिए एक कारटेज का इस्तेमाल करना पड़ता है। बस बार-बार कारटेज बदलना पड़ता है सिगरेट बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। सिगरेट की कीमत 900 रुपए और कारटेज 60 रुपए के 10 मिलते हैं। ये इतना तेज है कि दो-तीन बार इसका इस्तेमाल करने भर से ही युवक इसकी लत के शिकार हो जाते हैं।

 

ऐसे करती है काम

 

यह सिगरेट इलेक्ट्रिक रोड की तर्ज पर काम करती है। जिसमें बैटरी है। यह बैटरी उस रॉड को गर्म करती है। पीछे की तरफ तंबाकू मिश्रित फ्लेवर लगा होता है। जैसे ही पीने वाला मुंह से इसे खींचता है तो गर्म हवा फ्लेवर से टकराती हुई धुएं के रूप में फेंफड़ों में पहुंचती है।

 

जिस तरह सिगरेट जलने पर आगे की तरफ आग जलती है उसी तरह इसमें आगे की तरफ लाल लाइट लगी हुई है। जैसे ही कश खींचा जाता है लाइट जल जाती है। सिगरेट को मोबाइल की तरह चार्ज करना पड़ता है। इसके लिए अलग से चार्जर भी आता है।

 

ऐसे फंसा रहे हैं जाल में

 

फ्लेवर्ड सिगरेट का मुख्य टारगेट कोचिंग व स्कूली बच्चों को बनाया जा रहा है। शहर के कई प्रतिष्ठित स्कूलों के बच्चे इसकी लत के शिकार हैं। भास्कर को यह सिगरेट भी एक स्कूल बच्चे ने ही उपलब्ध करवाई। जिसे उसके दोस्त ने उसे पीने के लिए दी थी।

 

बच्चा समझदार था, इसलिए उसने इसका इस्तेमाल नहीं किया। कोचिंग स्टूडेंट्स बाहुल्य क्षेत्र में ये सिगरेट हुक्का पार्लर्स, पान की दुकानों, जरनल स्टोर्स पर मिल रहे हैं। ये लोग बच्चों से कहते हैं कि इसमें तंबाकू नहीं है और ये केवल खुशबू से बनी हुई है।

 

इसके सेवन से पढ़ाई का तनाव दूर हो जाता है। एक बार झांसे में आने के बाद स्टूडेंट उसकी लत का शिकार हो जाता है। यही नहीं पब्लिसिटी के लिए ये लोग एक के साथ एक फ्री का ऑफर भी दे रहे हैं। ताकि एक साथ दो युवा उनके शिकार बने। वे खुद स्टूडेंट को बताते हैं कि एक तो खुद इस्तेमाल कर लेना और एक अपने दोस्त को दे देना ताकि वह भी तनावमुक्त हो जाए।

 
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