प्रदेश में बिजली की दरें फिर बढ़ाने की तैयारी

जयपुर.घाटे का हवाला देकर एक बार फिर बिजली कंपनियों ने प्रदेश में बिजली दरें बढ़ाने की तैयारी कर ली है। कंपनियां इस संबंध में राजस्थान विद्युत नियामक आयोग में जल्द ही याचिका दायर करने की तैयारी कर रही हैं। याचिका के लिए श्रेणीवार बढ़ोतरी का अंतिम खाका तैयार किया जा रहा है। तीनों बिजली वितरण कंपनियों के सीएमडी कुंजीलाल मीणा ने इसकी पुष्टि की है।
याचिका में अगले साल से बिजली की दरें 10 प्रतिशत बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार कर रही हैं। आयोग में अभी याचिका दायर होती है तो आयोग इस पर अगले साल मई-जून तक फैसला देगा। फैसले के बाद जुलाई में दरें बढ़ जाएंगी। बिजली कंपनियों ने इस साल अगस्त माह में बिजली की दरें बढ़ाई थीं।
इसलिए बढ़ाई जा रही हैं दरें
पावर फाइनेंस कॉपरेरेशन (पीएफसी) ने बिजली कंपनियों को कर्ज देने में हर वर्ष बिजली की दरों में बढ़ोतरी करने की शर्त लगाई है। पीएफसी इस वर्ष कंपनियों को 4500 करोड़ रु. दे रहा है। इसमें से पहली किस्त मिल गई है। खराब वित्तीय स्थिति से उबरने के लिए कंपनियों के सामने पीएफसी की शर्त मानने के अलावा विकल्प नहीं है।
सरकार के लिए पैदा हो सकती हैं मुश्किलें
बिजली कंपनियों की याचिका के आधार पर जुलाई 2013 में दरें बढ़ सकती हैं। नवंबर 2013 में विधानसभा चुनाव हैं। ऐसे में चुनावों से ठीक पहले दरें बढ़ाना सरकार के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है।
अब तक इतना भार पड़ चुका
सरकार ने इस साल बिजली की दरों में विभिन्न श्रेणियों में 18 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है। अगले साल से प्रस्तावित बढ़ोतरी का भार करीब 75 लाख उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। कंपनियों को इस बढ़ोतरी से करीब 1500 करोड़ रुपए आने की उम्मीद है।






