जानकारी के अनुसार ग्राम गोदा जी की नाडी रूपारेल निवासी अक्सर पुत्र जवारा सब्जी लेने के लिए ब्याबर जा रहा था। गंगा जी की गाल के समीप पहुंचने पर सड़क के किनारे खून से सना शव पड़ा देख पहचान करने की कोशिश की, लेकिन चेहरा बुरी तरह से कुचला होने से पहचान नहीं पाया।
अक्सर ने गांव में जाकर घटना की जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर कार्य पर जा रहे नरेगा श्रमिकों एवं ग्रामीणों का तांता लग गया। सूचना मिलने पर सहायक पुलिस उप अधीक्षक डा. राहुल जैन, ग्राम सरपंच दिनेश चौहान, पंचायत समिति सदस्य प्रमिला चौहान, ब्याबर सदर थानाधिकारी मय जाप्ते के मौके पर पहुंचे।
मौके पर मौजूद मृतक के भाई कालू की पत्नी लीला ने कपड़े एवं हुलिए के आधार पर शव की जेठ लादू पुत्र मल्ला के रूप में शिनाख्त की। शव की शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम के लिए ब्याबर के अमृतकौर चिकित्सालय की मोर्चरी में पहुंचाया। जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक लादू ब्याबर रीको एरिया में काम करता था।
मिली शराब की बोतलें
मृतक लादू के शव के पास देशी शराब का एक खाली व एक भरा हुआ पव्वा पड़ा मिला। एक टूटी हुई सील पैक बीयर की बोतल भी पड़ी मिली। उसके पास पडे थैले में सब्जी टिफिन एवं चनाचबैना भी मिला था। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक हमेशा सजी व बच्चों के लिए चीजें लाता था ।
मौके से लिए निशान
सदर थाना क्षेत्र में सिर कुचली लाश मिलने की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे एएसपी डॉ. राहुल जैन, प्रशिक्षु आरपीएस प्रीति चौधरी, सदर थाना प्रभारी चंदन सिंह ने घटनास्थल से कई साक्ष्य उठाए। ग्रामीणों ने आरोपियों के शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करते हुए घटना की निंदा की। सदर थाना प्रभारी चंदन सिंह ने बताया कि गोदाजी की नाड़ी, श्यामगढ़ निवासी लादू (41) पुत्र मल्ला काठात शनिवार शाम कार्य खत्म कर घर के लिए निकला था।
पुलिस को शव के पास से बीयर की बोतल के टुकड़े, बाइक के इंडिकेटर के टूटे कांच और अन्य साक्ष्य मिले। मृतक के परिजनों ने बताया कि उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। शनिवार को घर आने के दौरान उसके साथ कौन था और उसके साथ क्या हुआ, उन्हें कुछ नहीं मालूम। पुलिस अब मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल से हत्यारे तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।