प्रदेश में अवैध खनन रोकने के लिए हाईकोर्ट ने गठित की एसआईटी
Source: Bhaskar News | Last Updated 00:59(07/02/12)
जयपुर.हाईकोर्ट ने प्रदेश में अवैध खनन रोकने के लिए सोमवार को हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के एस चौधरी की एक सदस्य विशेष अनुसंधान टीम (एसआईटी) गठित की। मुख्य न्यायाधीश अरुण मिश्रा व न्यायाधीश एनके जैन की खंडपीठ ने यह अंतरिम आदेश अशोक पाठक व एक दर्जन अन्य की जनहित याचिकाओं पर सोमवार को दिया।
अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह इस कार्य के लिए न्यायाधीश चौधरी को दो लाख रुपए मानदेय के रूप में दे। गौरतलब है कि 16 नवंबर, 2011 को अदालत ने पूर्व न्यायाधीश एसके केशोट व खान विभाग के पूर्व निदेशक धीरेंद्र मेहता की विशेष जांच टीम गठित की थी, लेकिन मेहता ने स्वास्थ्य तथा न्यायाधीश केशोट ने किन्हीं अन्य कारणों से टीम में काम करने से मना कर दिया था।
इसके बार खंडपीठ ने 3 फरवरी को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से टीम के सदस्य के लिए नाम मांगे थे और न्यायाधीश केएस चौधरी के नाम पर विचार हुआ। अदालत ने पूर्व में गठित टीम को जैसलमेर के हवाई अड्डे, चित्तौड़गढ़ के किले व मकराना में रेल पटरियों के नीचे हो रहे अवैध खनन का निरीक्षण कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।