जयपुर.फूड सेफ्टी एक्ट के प्रावधानों और लाइसेंस फीस समाप्त करने की मांग को लेकर मंडियों में जारी हड़ताल दूसरे दिन दोपहर से समाप्त हो गई। राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से हुई वार्ता के बाद मंडियों में फिर से कामकाज शुरू करने पर सहमति बनी।
शनिवार दोपहर व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक जनस्वास्थ्य से वार्ता की। निदेशक ने खाद्य सुरक्षा व मानक अथॉरिटी के सीईओ को व्यापार संघ के ज्ञापन के साथ राज्य सरकार की ओर से लिखा पत्र सौंप दिया।
इसके बाद हड़ताल खत्म करने की घोषणा कर दी गई। राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के अध्यक्ष ने कहा कि हमारी मांगों का ज्ञापन केंद्र को अग्रेषित करने के बाद सभी मंडियों में कामकाज फिर से शुरू करने का फैसला किया है। यह हड़ताल तीन दिन के लिए प्रस्तावित थी।
गुप्ता ने बताया कि फूड सेफ्टी एक्ट के प्रावधानों और लाइसेंस फीस के मुद्दे पर अब अन्य राज्यों के व्यापारी भी खिलाफ में आगे आने लगे हैं।
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की 2 या 3 फरवरी को दिल्ली में बैठक होगी, जिसमें आगामी रणनीति तय की जाएगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद से मुलाकात कर इन मांगों पर चर्चा होगी।
व्यापारियों की ये हैं प्रमुख मांगें :
-फूड सेफ्टी एक्ट के प्रावधानों के तहत मंडियों के व्यापारियों को लाइसेंस के दायरे से बाहर करें।
-लाइसेंस फीस अधिकतम 100 रुपए की जाए, 10 लाख रुपए तक के टर्न ओवर वालों को लाइसेंस से मुक्त रखा जाए। 10 से ऊपर और 60 लाख तक के टर्न ओवर वालों को रजिस्ट्रेशन की श्रेणी में लें और इससे ऊपर के टर्न ओवर पर लाइसेंस के दायरे में लाया जाए।
-सभी लाइसेंस राज्य, जिला और तहसील स्तर पर ही जारी करने की व्यवस्था हो।
-रिटर्न और ऑडिट का प्रावधान निरस्त करें।
-नए लाइसेंस के लिए नगर निगम या स्थानीय निकाय की एनओसी का प्रावधान खत्म किया जाए।