4 लाख लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी, मिलेगा मीठा पानी
Source: Bhaskar News | Last Updated 07:44(09/02/12)
सीकर. फतेहपुर और लक्ष्मणगढ़ के 283 गांवों के चार लाख लोगों के लिए यह खुशखबर है। इंदिरा गांधी नहर परियोजना से सुजानगढ़ के रास्ते मीठा पानी पहुंचाने की योजना की राह खुल गई है।
जल संसाधन विभाग हाल ही में नागौर के लिए मंजूर हुई एक परियोजना का बजट यहां के लिए काम में लेगा। यह प्रस्ताव मंजूरी की प्रोसेस में है। उल्लेखनीय है कि इन दो तहसीलों के के अधिकतर गांवों में फ्लोराइड युक्त पानी उपलब्ध है।
मीठा पानी लाने के लिए चार साल से प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए कई बार सर्वे और प्रोजेक्ट बने। आखिर में सरदारशहर से गुजर रही नहर का पानी लाने का प्रोजेक्ट पर मुहर लगी। प्रोजेक्ट के लिए 832 करोड़ का प्रावधान किया गया था।
279.94 करोड़ रुपए के लोन के लिए फाइल नाबार्ड को भेजी गई थी। हालांकि उस पर अभी मंजूरी नहीं मिली है। विधायक गोविंदसिंह डोटासरा ने बताया कि लक्ष्मणगढ़ व फतेहपुर इलाकों को फ्लोराइडयुक्त पानी से निजात दिलाने के लिए वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। अब जल्द ही काम शुरू होगा।
हाल ही में नागौर के लिए एक पेयजल योजना का बजट मंजूर हुआ है। इस बजट को राजगढ़, लक्ष्मणगढ़ एवं फतेहपुर में मीठा पानी लाने में उपयोग किया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है, जो मंजूरी के करीब है। जापान से बैंक से मिले ऋण को नागौर के लिए शिफ्ट कर दिया जाएगा।
- वीके माथुर, चीफ इंजीनियर, रुरल जयपुर
> पूरे जिले को नहर से जोड़ने के लिए सर्वे को मंजूरी
मीठे पानी के लिए फतेहपुर व लक्ष्मणगढ़ तक नहरी योजना की स्वीकृति मिलने के बाद अब पूरे जिले को नहर से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। इसमें सीकर, नीमकाथाना, खंडेला, श्रीमाधोपुर को नहर से जोड़ा जाना है। इसके लिए सर्वे शुरू हो चुका है। सर्वे के कामकाज पर करीब 50 लाख रुपए खर्च होंगे। अगर ये इलाके भी नहर से जुड़ते हैं तो नीमकाथाना व खंडेला के लोगों को पेयजल किल्लत से बड़ी राहत मिलेगी।
> यूं मिलेगा नहरी पानी
इंदिरा गांधी नहर का पानी धनासर से होते हुए सीकर जिले में प्रवेश करेगा। इसके बाद पाइप लाइन से लक्ष्मणगढ़ व फतेहपुर के गांवों तक पहुंचाया जाएगा।
> इसलिए अटका हुआ था काम
अंब्रेला प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद भी इसका काम पिछले कई महीनों से अटका हुआ था। सरकार ने इसका बजट 564 करोड़ से बढ़ाकर 832 करोड़ रुपए कर दिया। बजट में पौने तीन सौ करोड़ रुपए के ऋण की व्यवस्था के लिए फाइल नाबार्ड को भेजी गई थी। लेकिन इसके स्वीकृत नहीं होने से काम आगे नहीं बढ़ सका।
> वर्क हैड के लिए मिली जमीन
लक्ष्मणगढ़ व फतेहपुर के लोगों को फ्लोराइड युक्त पानी से निजात दिलाने के लिए चल रहे अंब्रेला प्रोजेक्ट में नहरी पानी को स्टोरेज के लिए वर्क हैड की जमीन आवंटित हो चुकी है। बालोतरा, लक्ष्मणगढ़ व फतेहपुर में एक एक वर्क हैड बनाया जाना है। यहां जल्द ही वर्क हैड का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।