अजमेर.अल्पसंख्यक मामलात राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अमीन खान गैर आबाद मस्जिदों के संबंध में बयान देकर फिर विवादों में घिर गए।
मुस्लिम समुदाय के विरोध के बाद उन्हें सफाई देनी पड़ी। मंत्री खान ने गैरआबाद मस्जिदों के संबंध में कहा कि जिन मस्जिदों में नमाज नहीं होती, अजान नहीं होती, वे मस्जिदें नहीं हो सकतीं।
वे संभागीय आयुक्त कार्यालय में 15 सूत्रीय कार्यक्रम, अल्पसंख्यक विभाग के कार्यो और वक्फ संबंधी मामलों की समीक्षा बैठक में अध्यक्षीय संबोधन दे रहे थे। इस दौरान वहां मौजूद भीलवाड़ा की जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना हफीजुर्रहमान रिजवी और मुस्लिम समुदाय से संबद्ध अन्य लोगों ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई।
मौलाना रिजवी ने कहा कि मंत्रीजी मसला यह है कि जो इमारत एक बार मस्जिद बन गई, कयामत तक वो मस्जिद ही रहेगी। उसकी हैसियत को कोई नहीं बिगाड़ सकता। रिजवी और समुदाय के अन्य लोगों का रोष देख कर मंत्री सफाई देते नजर आए और बोले कि उनके कहने का गलत अर्थ निकाला गया है। वे यह कहना चाहते हैं कि पहले मस्जिदों को आबाद किया जाए। इतना कह कर मंत्री बैठक से बाहर निकल गए।
पहले राष्ट्रपति के खिलाफ की थी विवादित टिप्पणी
अमीन खान ने इससे पहले राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति पाटील इंदिरा गांधी की रसोई बनाते-बनाते राष्ट्रपति बन गईं। इसके बाद वे विवादों में घिर गए थे। इसके बाद उन्हें वक्फ राज्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा था। उन्होंने इस बयान के लिए माफी भी मांगी थी। हाल ही हुए मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद खान को दोबारा मंत्री बनाया गया है।
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