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मोबाइल को लेकर कहासुनी हुई और उसे पत्थर से पीटकर मार डाला
Bhaskar News
| Jan 25, 2013, 05:22AM IST

सीकर.परडोली के मानदाता सिंह की हत्या शराब के नशे में मोबाइल को लेकर हुई कहासुनी व पुरानी रंजिश के कारण की गई थी। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए हत्या में लिप्त पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से दो ने हत्या की और तीन बाद में शव को छुपाने की साजिश में शामिल थे। चार आरोपी परडोली व एक रुल्याणा माली का रहने वाला है। उधर गुरुवार शाम परिजनों व राजपूत समाज के लोगों ने शव उठा लिया और अंतिम संस्कार किया।
एएसपी शरद चौधरी ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए विशेष टीम का गठन किया गया था।
टीम ने मामले का खुलासा करते हुए परडोली निवासी सुरजाराम जाट, सांवरमल, गणोशराम, जाखड़ों की ढाणी निवासी अशोक कुमार व रुल्याणा माली निवासी जगदीश को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने पूछताछ में हत्या कर शव डालना कबूल किया है। इनसे पूछताछ जारी है। आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसपी गौरव श्रीवास्तव ने खुलासा करने वाली टीम को दो हजार के इनाम की घोषणा की है।
पहले गाड़ने की योजना, फिर दिया एक्सीडेंट का रूप
आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि सोमवार शाम सुरजाराम व अशोक सिहोट छोटी के ठेके पर शराब पी रहे थे। तभी मानदाता सिंह भी वहां आ गया और अलग बैठ कर शराब पीने लगा। बाद में तीनों साथ में शराब पीने लगे।
इसी दौरान अशोक ने मानदाता का मोबाइल ले लिया और बंद कर जेब में डाल लिया। उसने पूछा तो नहीं लेने की बात कही। यहां से तीनों बाइक पर बैठकर परडोली के लिए रवाना हो गए। रास्ते में मानदाता ने फिर बाइक रुकवाई और कहा कि मोबाइल तुम्हारे पास ही है। इस पर तीनों में गाली गलौच हो गई और अशोक ने मानदाता सिंह के लात मार दी। जिससे वह गिर गया।
सुरजाराम व अशोक उसे घसीट कर साइड में ले गए और पत्थर से वार कर मार डाला। दोनों सुरजाराम के घर गए और सुरजाराम के भाई सांवरमल व चचेरे भाई गणोश को पूरी कहानी बताई। इन्होंने शव को जमीन में गाड़ने की योजना बनाई। इसके लिए फावड़ा लेकर सुरजाराम के घर खड़ी चोरी की बाइक से रवाना हुए।
सात मील बालाजी के पास पहुंच कर इन्होंने सोचा की शव गाड़ने से मामला हत्या का मानकर पुरानी रंजिश के कारण इन पर शक होगा और पकड़े जाएंगे। इसलिए इन्होंने मामले को एक्सीडेंट में बदलने की योजना बनाई ऐसा। इसके लिए चोरी बाइक पहले से उन के पास थी ही। इन्होंने गणोश के बहनोई जगदीश को वैन लेकर बुलाया। वापस घटनास्थल पर जाकर शव को वैन में डाला और रोड के किनारे पटक कर बाइक ऊपर डाल गए।
पुरानी है रंजिश
सुरजाराम व मानदाता सिंह के परिवार में पुरानी रंजिश है। पिछले साल सुरजाराम, गणोश व राजेंद्र सिंह ने मिलकर मानदाता सिंह के परिवार के सोहन सिंह की गाड़ी से टक्कर मारकर हत्या कर दी थी। उस मामले में भी गणोश अभी तक फरार था।
दिनभर चला मोर्चरी के बाहर धरना
परिवार व राजपूत समाज के लोगों ने गुरुवार को मुआवजे की मांग को लेकर धरना दिया। शाम तक इन्होंने शव नहीं उठाया। प्रशासन की ओर से मुआवजे के लिए सरकार को पत्र लिखने के आश्वासन के बाद ही शव उठाया। इससे पहले दिन में परडोली में भी ग्रामीणों ने आक्रोश जताया। धरने में बलवंत सिंह चिराना, जितेंद्र सिंह कारंगा सहित कई नेता शामिल हुए।
युवा जाट महासभा ने भी सौंपा ज्ञापन
मामले में युवा जाट महासभा ने प्रदेशाध्यक्ष सांवर चौधरी के नेतृत्व में एएसपी को ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की। ज्ञापन देने वालों में नरेंद्र बाटड़, संदीप मील व मनोज बाटड़ प्रमुख थे।








