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हमले से हुआ महिला का गर्भपात, भ्रूण लेकर न्याय के लिए दर-दर भटकती रही

Bhaskar News | May 21, 2012, 02:08AM IST
 
 

राजसमंद.जमीन विवाद को लेकर शनिवार रात एक गर्भवती महिला पर हमले कर दिया गया। हमले के दौरान चार महीने के भ्रूण का गर्भपात हो गया। महिला भ्रूण को लेकर न्याय की फरियाद में चौदह घंटे तक शहर के थानों के चक्कर लगाती रही। बाद में मीडियाकर्मियों के दखल पर एसडीएम ने पुलिस को मामला दर्ज करने का आदेश दिया। तब जाकर पुलिस ने महिला की सुध ली और उसे मेडिकल के लिए अस्पताल ले गई।

शहर से सटे धोइंदा उपनगर में वारदात के वक्त रतनी पत्नी लहरु वागरिया रात को घर पर अकेली सो रही थीं। इस बीच, रात बारह बजे उनके ही समाज के पांच जने धोइंदा निवासी प्रताप, राजू, मनोहर तथा रामा सभी पुत्र चुन्नीलाल वागरिया तथा चुन्नीलाल आए और मारपीट शुरू कर दी। पेट पर लातें तथा घूंसों की चोट से गर्भवती का चार महीने का भ्रूण का गर्भपात हो गया। घटना के तुरंत बाद वे न्याय के लिए रात को ही शहर की जेके पुलिस चौकी पहुंचीं। यहां काफी देर तक बैठे रहने के बाद भी उसकी फरियाद नहीं सुनी गई। थक हारकर वापस अपने घर चली गईं।


रविवार सुबह वापस पति तथा परिवारजनों के साथ भ्रूण को लेकर राजनगर पुलिस थाने पहुंचीं। थाने पर रतनी चार घंटे तक बैठी रहीं, लेकिन यहां भी उनकी किसी ने सुनवाई नहीं की। रतनी ने बताया कि पुलिस ने रिपोर्ट लेना तो दूर उनसे बात तक नहीं की। कुछ देर बाद तो पुलिसकर्मियों ने हद ही कर दी। पुलिस ने रतनी को फटकार लगाते हुए थाने से भगा दिया।

न्याय के लिए आखिरी उम्मीद लेकर रतनी पति और परिवारजनों के साथ कोर्ट जा पहुंचीं, लेकिन रविवार की छुट्टी होने से कोर्ट में भी कोई नहीं मिला। इसी बीच सूचना पर कुछ मीडियाकर्मी कोर्ट पहुंचे। रतनी से घटनाक्रम की जानकारी लेकर पुलिस अधीक्षक राहुल कोटोकी तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा को अवगत कराया। इसके बाद भी रतनी की गुहार को दरकिनार कर दिया गया। आखिर में एसडीएम निमिषा गुप्ता को घटना की जानकारी दी गई।

तब एसडीएम के आदेश पर दोपहर करीब ढाई बजे राजनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। महिला को थाने लाई। मेडिकल के लिए आरके अस्पताल ले जाया गया। इस बीच चौदह घंटे का समय बीत गया था, अत्यधिक रक्तस्त्राव से उनकी तबीयत भी बिगड़ने लगी थी।

क्या कहते हैं जिम्मेदार

मैं बाहर हूं

मैं अभी बाहर हूं। चार्ज एएसपी के पास है। उनसे बात कर लो।

राहुल कोटोकी, एसपी, राजसमंद

ऐसा नहीं हुआ था

महिला थाने गई थीं। वहां मौजूद एएसआई ने उससे बातचीत कर मुकदमा दर्ज करने को भी कहा था, लेकिन महिला वहां नहीं रुकी थीं।

प्रदीप मोहन शर्मा, एएसपी राजसमंद

मुझे जानकारी नहीं थी

मुझे पहले घटना की जानकारी नहीं थी। फोन पर सूचना मिलते ही मैं मौके पर पहुंच गया था।

भैयालाल, सब इंस्पेक्टर, थाना राजनगर

गंभीर मामला था

मामला गंभीर था। मैंने तुरंत पुलिस को घटना के बारे में अवगत करा दिया था।

निमिषा गुप्ता, एसडीएम राजसमंद
 
 
 

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