मंडल अध्यक्ष ने विधायक व जिलाध्यक्ष पर उठाए सवाल
Source: dainikbhaskar news | Last Updated 05:00(25/01/12)
उदयपुर. अंबेडकर मंडल अध्यक्ष राजेश वैष्णव को पद से हटाए जाने के बाद भाजपा में उबाल आ गया है। निलंबित मंडल अध्यक्ष ने शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया और जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए पार्टी के संविधान के विपरीत काम करने का आरोप लगाया है। यह नया घटनाक्रम प्रदेश मुख्यालय तक पहुंच गया है। मंडल अध्यक्ष की ओर से प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी को चिट्ठी भेजकर ताजा घटनाक्रम की जानकारी से अवगत कराया गया है।
प्रदेशाध्यक्ष को भेजे गए पत्र में वैष्णव ने लिखा है कि Rहम जो कर रहे हैं वो इन नेताओं को अनुशासनहीनता लग रही है और वो जो करे वह अनुशासन की श्रेणी में आता है। मेरा निलंबन संविधान के विपरीत किया गया, मेरा पक्ष जाने बगैर यह कार्रवाई न्यायोचित नहीं है। भाजयुमो में मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति मेरी सहमति के बगैर की गई।
मंडल की ओर से घोषित युवो मोर्चा अध्यक्ष के स्वागत का कार्यक्रम अनुशासनहीनता है तो क्या शहर जिला की ओर से वार्डो के कार्यक्रम मंडल अध्यक्ष की सहमति के बगैर करना अनुशासन में आता है। मंडल अध्यक्ष ने शहर विधायक और जिलाध्यक्ष के खिलाफ संवधिान के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की गई।
उल्लेखनीय है कि शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट ने सोमवार को वैष्णव को मंडल अध्यक्ष के पद से निलंबित कर दिया था। वैष्णव पर मंडल में समानान्तर पदाधिकारी नियुक्त करने का आरोप है। वैष्णव ने इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, अनुशासन समिति के प्रदेशाध्यक्ष, राष्ट्रीय महासचिव किरण माहेश्वरी, पूर्व सांसद भानू कुमार शास्त्री व पूर्व संभाग संगठन मंत्री धर्मनारायण जोशी को भी पत्र लिखा है।
युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष पर लेटर के दुरुपयोग का आरोप
वैष्णव ने अपने पत्र में युवा मोर्चा के शहर जिलाध्यक्ष जिनेंद्र शास्त्री पर उनके लेटर हेड के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया है। वैष्णव ने शिकायत की है कि शास्त्री ने फर्जी पत्र बनाकर उनकी सहमति के बिना सोहनसिंह खरवड़ को युवा मोर्चा का मंडल अध्यक्ष घोषित कर दिया। वैष्णव ने प्रदेशाध्यक्ष को बताया है कि शास्त्री की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि मैंने (वैष्णव) गुलाब जी को पत्र लिखा है जो बिल्कुल गलत है। पार्टी चाहे तो मैं इस पत्र की एफएसएल जांच करवाने तैयार है।