बड़े काम नहीं दे पाए अंजाम
Source: Dainik Bhaskar News | Last Updated 04:32(10/02/12)
उदयपुर. नगर परिषद के पिछले बजट में घोषित करोड़ों के कई कार्य अनछुए ही छोड़ दिए गए। ये काम बजट फाइल से बाहर ही नहीं आ पाए, लिहाजा इन पर एक रुपए का भी खर्च नहीं हो सका। इनमें पार्किग, आयड़ नदी विकास, ड्रेनेज सुधार, शहरी सौंदर्यीकरण, विरासत संरक्षण जैसे दर्जनों कार्य शामिल थे। परिषद ने वित्तीय वर्ष 2011-12 के बजट में 124 करोड़ 33 लाख का बजट पास किया था। इसके अलावा ऐसे भी कई कार्य हैं, जिन पर आशानुरूप काम और खर्च नहीं हो पाया।
वंचित रहे चुनिंदा कार्य और इनका बजट
ञ्चआयड़ नदी का विकास 100 लाख
ञ्च पार्किग स्थल का निर्माण 110 लाख
ञ्च स्वागत द्वारों का निर्माण 50 लाख
ञ्च ऑडिटोरियम निर्माण 50 लाख
ञ्च अप्पू घर विकास 25 लाख
ञ्च हैरिटेज संरक्षण 60 लाख
ञ्च टाउनहॉल पार्क का विकास 40 लाख
ञ्च शहीद स्मारक का विकास 25 लाख
ञ्च आधुनिक अग्नि शमन केन्द्र का निर्माण 20 लाख
ञ्च श्रमिकों के लिए शेड निर्माण 100 लाख
ञ्च फूड स्ट्रीट योजना 200 लाख
ञ्च पन्नाधाय योजना 10 लाख
ञ्च शहरवासियों का दुर्घटना बीमा 30 लाख
ञ्च सफाई कार्य के लिए मेकेनाइज्ड सिस्टम 25 लाख
ञ्च अग्नि शमन वाहन खरीद 150 लाख
ञ्च अंडरग्राउंड केबल कार्य 150 लाख
ञ्चकच्ची बस्ती में बिजली लाइन व्यवस्था 10 लाख
ञ्चकच्ची बस्ती में सड़क, नाली का रखरखाव 100 लाख
ञ्च सरकारी स्कूलों में मरम्मत व निर्माण कार्य 25 लाख
ञ्चकच्ची बस्ती में नई सड़कों का निर्माण 100 लाख
ञ्च विभिन्न स्थानों पर पानी की लाइन की व्यवस्था 75 लाख
ञ्चकच्ची बस्ती में विविध निर्माण कार्य 150 लाख
इन पर नहीं हो पाया आशानुरूप खर्च
विविध निर्माण कार्य, नई सड़कों का निर्माण, पार्क व चौराहों का विकास,सामुदायिक भवनों का रखरखाव, विरासत संरक्षण, राजकीय चिकित्सालयों में निर्माण कार्य, श्मशान घाटों का विकास, सीवरेज कार्य, ठोस कचरा निस्तारण, सड़क व नालियों का रखरखाव, पुस्तकालय के लिए नई किताबें खरीदना, विद्युत रथ, बिजली सामग्री खरीद, अग्नि शमन यंत्र खरीद, सार्वजनिक सुविधाघर, मूत्रालय का निर्माण।