प्रदर्शन के दौरान यह दृश्य आरके अस्पताल से ही शुरू हुआ और श्मशान तक बना रहा। दोपहर एक बजे बच्ची के माता-पिता, बहन, नाना परिवार सहित सैकड़ों की संख्या में शहरवासी अर्थी लेकर जलचक्की तिराहे पहुंच गए। यहां शव रखकर परिजनों, समाजजनों, राजनीतिक दलों के लोगों ने तिराहे पर प्रदर्शन किया।