तो कैसे होगा हृदय रोगियों का इलाज?
Source: Dainik Bhaskar News | Last Updated 04:36(10/02/12)
उदयपुर. एमबी अस्पताल के कॉर्डियोलॉजी विभाग का विकास भले ही करोड़ों की लागत से हो रहा हो, लेकिन सितंबर बाद यहां स्थाई रूप से इलाज के लिए एक भी कॉर्डियोलॉजिस्ट मौजूद नहीं रहेगा। ऐसी स्थिति में यहां एमडी की दो सीटों पर भी खतरा मंडरा सकता है।
जानकारों के अनुसार कॉर्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. एस.के. कौशिक आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य भी हैं। वे सितंबर में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इसके बाद इस विभाग में भर्ती होने वाले दिल के रोगियों का कोई धनी धोरी नहीं रहेगा। मेडिकल कॉलेज होने से यहां मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया ने दो सीट एमडी की पढ़ाई के लिए स्वीकृत कर रखी है।
सितंबर बाद इस पर भी खतरा मंडराने की संभावना है। विभागीय सूत्रों के अनुसार विभाग में रोगियों के लिए एक डॉ. कपिल भार्गव यहां प्रतिनियुक्ति पर हैं। इससे यह दोनों सीटें बचना मुमकिन नहीं रहेगा।