Home » Rajasthan » Udaipur » Symposium Udaipur Metro

निगम के लिए पर्यटन शहर होना काफी

Bhaskar News | Dec 12, 2012, 02:53AM IST
निगम के लिए पर्यटन शहर होना काफी
उदयपुर.  किसी भी शहर में नगर निगम होना महज जनसंख्या पर निर्भर नहीं करता, बल्कि उस शहर का पर्यटन या धार्मिक महत्व प्रमुख आधार होता है। उदयपुर में नगर निगम बनाने के लिए इसका पर्यटन शहर होना काफी है।
 
यह बात यहां नेशनल सिम्पोजियम उदयपुर मेट्रो सिटी 2031-41 में भाग लेने आए भूगोल विशेषज्ञों ने कही। ये सभी यह जानकार भौंचक रह गए कि दुनियाभर में मशहूर लेकसिटी में अब तक नगर निगम नहीं है। इसका आयोजन सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के कला महाविद्यालय के भूगोल विभाग ने किया।
 
दो दिवसीय सिंपोजियम का उद्घाटन सुविवि के कुलपति डा. आई.वी.त्रिवेदी ने किया। आयोजन सचिव प्रो. पी.आर.व्यास ने उद्घाटन सत्र में कहा कि किसी शहर की पांच लाख लोगों की आबादी ही उस शहर की जनसंख्या नहीं होती। आसपास के गांवों से नौकरी या मजदूरी के लिए आने वाले ग्रामीण भी शहर की आबादी का भाग होते हैं।
 
उदयपुर के आसपास के गांव बड़गांव, बेदला, सीसारमा, नाई, शोभागपुरा, भुवाणा, सुखेर, अंबेरी, तीतरड़ी, देबारी, लकड़वास, कलड़वास, मटून, कानपुर, मनवाखेड़ा का जनजीवन शहर पर निर्भर है। इन गांवों के लोग सुबह शहर आकर शाम को लौट जाते हैं। गांवों से अप-डाउन करने वाले हजारों लोगों को रोजगार के साथ दिन भर के लिए मूलभूत सुविधाएं शहर से उपलब्ध होती हैं।
 
शिमला, देहरादून, नासिक की तर्ज पर बने निगम
 
सिम्पोजियम के वक्ताओं ने बताया कि शिमला, नासिक, देहरादून ऐसे शहर हैं जिन्हें जन संख्या के आधार पर नहीं बल्कि पर्यटन एवं धर्म स्थल होने के कारण नगर निगम घोषित किया गया था।
 
2031 से 40 के दौरान उदयपुर मेट्रो बनेगा
 
 
विशेषज्ञों ने 2031 से 2040 के दौरान उदयपुर मेट्रो शहर बनने की राय प्रकट की। यहां जनसंख्या विकास दर 30 से 35 फीसदी प्रति 10 वर्ष है। इसके मुताबिक 2021 में 7 व 2031 में 10 लाख का आंकड़ा पार कर जाएगा।
 
हमें क्या करना होगा 
 
यातायात : सिटी बसें चलाई जाएं
 
सिम्पोजियम 31 से 40 के तहत कई गांव शहरी क्षेत्र में आ जाएंगे। शहर के भीतर और पेराफेरी गांवों तक आने-जाने के लिए सिटी बसें चलाना जरूरी होगा। तब तक मेट्रो रेल की भी जरूरत पड़ सकती है। शहर से एयरपोर्ट, सिंघानिया यूनिवर्सिटी, भटेवर, मावली के बीच मेट्रो रेल चलाने की योजना बन सकती है।
 
सड़क : रोड नेटवर्क पर काम
 
शहर की सड़कों पर जाम लगने की समस्या के समाधान के लिए अंडर ग्राउंड पार्किग, मैकेनाइज्ड पार्किग, चौराहों का रिस्ट्रक्चरिंग, ओवर ब्रिज तथा फ्लाई ओवर्स के निर्माण करने होंगे। इनके लिए योजनाएं अभी से तैयार करनी होगी। पार्किग व्यवस्था बड़ी समस्या है। इसके लिए स्थान आरक्षित करना जरूरी है।
 
पानी : देवास 3-4 का सर्वे
 
शहर व आसपास की आबादी को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 30 से 40 के दशक में जयसमंद, देवास 2 या मानसी वाकल के पानी से काम नहीं चलेगा। देवास 3 तथा 4 की प्लानिंग अभी से करनी होगी। झीलों व तालाबों के कैचमेंट क्षेत्र के संरक्षण के लिए दीर्घकालीन योजनाएं बनाने की जरूरत है।
 
बिजली : सौर ऊर्जा पर जोर
 
घरेलू तथा उद्योगों में बिजली की मांग बढ़ने से पवन ऊर्जा व सौर ऊर्जा के विकल्प अपनाने होंगे। अरावली की पहाड़ियां, कुंभलगढ़, जरगाजी के पहाड़ों पर टर्बाइन लगाकर पवन ऊर्जा का दोहन करना होगा। इसी तरह औद्योगिक इकाइयों, होटलों, मॉल, काम्पलेक्स में सोलर एनर्जी जनरेट करनी होगी।
 
विशेषज्ञ बोले..
 
अधिकारी व जनता जवाबदेह नहीं 
 
भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद दिल्ली के डॉ. विनोद भारद्वाज का कहना है कि उदयपुर में अतिक्रमण सबसे बड़ी समस्या है। यहां झीलों के किनारे अतिक्रमण कर होटलें बना दी गई। जिस समय अतिक्रमण हुआ, तब जिम्मेदार कहां थे। जनता व जिम्मेदारों की उदासीनता सबसे बड़ी कमी रही है।
 
आसपास के कस्बों का विकास हो .. 
 
जेएलएन यूनिवर्सिटी के डॉ. मिलाप पूनिया का कहना है कि शहर के आसपास कस्बों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार इस प्रकार हो कि वहां के लोग शहर में आकर रहने की बजाए कस्बों में ही रहने की सोचें। झीलें इस शहर की प्रॉपर्टी हैं। इनकी जल भराव क्षमता कम न होने दें।
 
 
सैटेलाइट नेटवर्क के अनुसार विकास हो  
 
अहमदाबाद के सेंटर फॉर एनवायरमेंटल प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी की प्रतिनिधि डॉ. अंजना व्यास का कहना है कि शहरों का मास्टर प्लान ऐसा बने कि फायर स्टेशन, इलेक्ट्रिक एंड वाटर सर्विस की आपात सुविधाएं जरूरतमंद तक 15 मिनट में पहुंच सके। रिहायशी, गैर रिहायशी, व औद्योगिक क्षेत्रों के व्यापक नक्शे बनाए जाने चाहिए, जिनके अनुरूप डवलपमेंट व रिनोवेशन किए जा सकें।
Ganesh Chaturthi Photo Contest
आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
7 + 7

 
विज्ञापन

बड़ी खबरें

Ganesh Chaturthi Photo Contest

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

स्पोर्ट्स

जोक्स

पसंदीदा खबरें

फोटो फीचर

 
Email Print Comment