राज्यदिल्ली
मध्य प्रदेश
राजस्थान
छत्तीसगढ़
हिमाचल
पंजाब
हरियाणा
चंडीगढ़
उत्तर प्रदेश
बिहार
झारखंड
महाराष्ट्र
गुजरात
जम्मू-कश्मीर
आखिर क्यों बचाया जा रहा है थानेदार को
Bhaskar News
| Dec 11, 2012, 01:39AM IST

उदयपुर. आखिर कौन है मुस्कान? वह जिन्दा है भी या नहीं ? फर्जी पासपरेट प्रकरण के अहम किरदार थानाधिकारी को वरिष्ठ अधिकारी आखिर बचा क्यों रहे हैं? क्या इस मामले में कुछ और बड़े लोग भी शामिल हैं।
फर्जी दस्तावेज से पासपोर्ट बनवाकर विदेश जाने और फिर युवती के लापता होने का मामला एक सस्पेंस फिल्म के क्लाइमेक्स जैसी हालत में पहुंचता नजर आ रहा है। उम्मीद है कि रिमांड पूरी होने के बाद पुलिस इस मामले को खोल पाने में कामयाब होगी।
इस मामले के आरोपित भरत शर्मा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उनसे रिमांड पर पूछताछ कर रही है। फिलहाल इस पूछताछ को एकदम गोपनीय रखा गया है। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक यह केस कोई आरुषि मर्डर प्रकरण नहीं है जिसके खुलासे में कोई ज्यादा मुश्किल हो। आखिर गायब युवती तीन साल तक भरत शर्मा के मातहत के तौर पर रही है।
उसके सेलरी एकाउंट में हर महीने बीस हजार रुपए के करीब वेतन जाता रहा है। कोई यूंही इतनी सेलरी किसी को नहीं दे देता। गलत पते पर पासपोर्ट बनवाना और इस षड्यंत्र में एक थानेदार का भी शामिल होना जरूर आश्चर्यजनक है। यह एक ऐसा मसला है जो कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
भरत शर्मा के हाई प्रोफाइल रिश्तों और कामकाज का कोई न कोई सिरा जरूर मुस्कान से जुड़ता है। अब तक हुई छानबीन से यह तो साफ है कि मुस्कान भरत की बेहद भरोसेमंद थी। इतनी भरोसेमंद की कि शर्मा ने उसका पासपोर्ट बनवाया। इन दस्तावेजों को थानेदार के अलावा एक अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी ने भी अटेस्ट किया था।
थानेदार और शिक्षा अधिकारी ने भरत शर्मा के कहने पर यह उदारता क्यों दिखाई जबकि बेहद जरूरतमंदों तक की तत्काल पासपोर्ट की सिफारिश में ज्यादातर अधिकारी सहयोग नहीं करते। इस मामले में सुगम वेबपोर्टल के जरिए आई शिकायत पर पुलिस मुख्यालय ने जांच के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) ने मामले की प्राथमिक जांच की।
ताज्जुब की बात है कि उन्होंने थानाधिकारी के खिलाफ जांच बेहद गोलमोल अंदाज में की। उन्होंने थानेदार को न तो निर्दोष माना और न ही दोषी। जबकि भरत शर्मा और मुस्कान शर्मा को आरोपी बनाया। अब थानेदार के खिलाफ नए सिरे से जांच की बात की जा रही है। मुस्कान की तलाश कर रही पुलिस को अभी तक उसकी असली पहचान तक पता नहीं चल सकी है।
मुस्कान का असली नाम, उसके माता-पिता कौन है, इस बारे में वह पुलिस के लिए एक पहेली बनी हुई है। पुलिस भरत शर्मा से मिली जानकारी, जुटाए गए तथ्य व दस्तावेज और कॉल डिटेल से संबंधित लोगों से पूछताछ कर मुस्कान तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। अन्य राज्यों की पुलिस से भी मदद मांगी गई है।






