सात कॉम्प्लेक्सों पर तलवार
Source: Bhaskar News | Last Updated 07:01(07/02/12)
अजमेर.पिछले सालों में नगर निगम के कारिंदों की अनदेखी, मिलीभगत और लापरवाही से शहर में नियमों को धता बताकर कुकुरमुत्तों की तरह हुए अवैध व्यावसायिक भवनों के निर्माण के खिलाफ अब निगम प्रशासन ने ताल ठोक दी है।
सोमवार को निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जब शहर में निरीक्षण पर निकले तो पता चला कि प्रभावशाली लोगों भवन निर्माण में तमाम नियम-कायदे नजरअंदाज कर निर्माण कराए। यहां तक कि अनेक प्रभाव शाली लोगों ने नक्शों के विपरीत निर्माण करा लिया। विडंबना यह रही कि निगम के जिम्मेदार कारिंदे चुप बने रहे। सोमवार को सीईओ मीणा ने इन सारी गड़बड़ियों को गंभीरता से लेते हुए कुछ भवन मालिकों के निर्माणाधीन काम रोकने के आदेश दे दिए हैं। अन्यों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
"नियम विरुद्ध निर्माण वाले भवन मालिकों को नोटिस दिए जाएंगे। भविष्य में निर्माण नहीं हो, इसके लिए जवाबदेही तय होगी। गलत मानचित्र स्वीकृति की जांच नहीं कराई जाएगी। किसी को शिकायत है, तो सक्षम प्राधिकारी के समक्ष शिकायत कर सकता है।"
सीआर मीणा, सीईओ, निगम
"मेरे वार्ड में तीन अवैध निर्माण हो रहे हैं। सेनेटरी इंस्पेक्टर ने शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लिंक रोड पर भवन के निर्माण में निगम की कीमती जमीन चली गई। कारगर कार्रवाई हो।"
नीरज जैन, पार्षद
केस - 1
भवन मालिक : रमेश बगतानी
स्थान : आनासागर लिंक रोड
खामी : निगम से आवासीय नक्शा स्वीकृत कराया था, लेकिन मौके पर व्यावसायिक निर्माण। सैट बैक नहीं छोड़े। नियम विरुद्ध तहखाने का निर्माण। पार्किग नहीं छोड़ी।
कार्रवाई : मीणा की हिदायत के बाद भवन मालिक ने अपने स्तर पर हटाने का आश्वासन दिया। अवैध निर्माण नहीं हटाने तक मीणा ने काम बंद रखने के निर्देश दिए।
केस - 2
भवन मालिक : रमाकांत बाल्दी व आरती गुप्ता
स्थान : आनासागर लिंक रोड
खामी : निगम से आवासीय नक्शा स्वीकृत था, लेकिन मौके पर व्यावसायिक निर्माण। जमीन का संयुक्तीकरण नहीं होने के बावजूद नक्शा स्वीकृत। पार्षद नीरज जैन ने कहा निर्माण सरकारी जमीन पर, पार्किग काफी कम छोड़ी।
कार्रवाई : मीणा ने भू-उपयोग परिवर्तन नहीं होने तक भवन मालिक को निर्माण कार्य बंद रखने की हिदायत दी।
केस - 3
भवन मालिक : आशा कंवर
स्थान : सर्किट हाउस के सामने
खामी : नगर निगम में आवेदन कर नक्शा तो आवासीय मंजूर कराया गया, लेकिन मौके पर खुले आम किया गया व्यावसायिक निर्माण। सैट बैक तक नहीं छोड़ा गया। पार्किग का स्थान नहीं छोड़ा।
कार्रवाई : मुख्य कार्यकारी अधिकारी मीणा ने प्रभारी अधिकारी को इस मामले में चेतावनी देते हुए नोटिस देने के निर्देश दिए।
केस - 4
भवन मालिक : मधु अग्रवाल
स्थान : सूचना केन्द्र के सामने
खामी : निगम से व्यावसायिक मानचित्र मंजूर कराया गया, लेकिन एक मंजिल अधिक निर्माण करने का आरोप। सैट बैक छोड़ना भी मुनासिब नहीं समझा गया। पार्किग पर्याप्त जगह नहीं
कार्रवाई : सीईओ मीणा ने स्वायत्त शासन विभाग से निर्देश नहीं आने तक भवन मालिक को फिलहाल किसी भी प्रकार के निर्माण नहीं करने की हिदायत दी।
केस - 5
भवन मालिक : यशोदा गर्ग
स्थान : मॉडल स्कूल वाली गली
खामी : निगम से व्यावसायिक नक्शा स्वीकृत कराया था। नक्शे के विपरीत तहखाने का निर्माण, सैट बैक नहीं छोड़े। एक मंजिल अधिक। पार्किग नहीं छोड़ी।
कार्रवाई : मीणा ने काम बंद करने की हिदायत दी। वर्तमान में यह भवन किसी और ने खरीद लिया है।
केस - 6
भवन मालिक : निर्मल जैन आर्किटेक्ट
स्थान : मॉडल स्कूल वाली गली
खामी : आनासागर एस्केप चैनल जाने वाले मार्ग पर दरवाजा लगा दिया गया जिससे रास्ता अवरुद्ध कर दिया। इतना ही जनरेटर सैट भी यहीं पर लगा दिया गया।
कार्रवाई : सीईओ मीणा ने मौके पर ही भवन मालिक को लताड़ लगाकर गेट और जनरेटर सेट हटाने के निर्देश दिए।
केस - 7
भवन मालिक : रमेश खटवानी
स्थान : विद्युत वितरण निगम के सामने
खामी : निगम से व्यावसायिक नक्शा मंजूर, लेकिन एक मंजिल अधिक बना ली गई। सैट बैक नहीं छोड़े। नालियां भी पाट दी। पार्किग का पर्याप्त स्थान नहीं।
कार्रवाई : मीणा ने नाली से अतिक्रमण को तुरंत हटाने के निर्देश दिए। जबकि निगम भवन मालिक को चार-पांच नोटिस दे चुका है।
अब सुध आई तो तय की जवाबदेही
शहर में नियम विरुद्ध होने वाले अवैध निर्माणों को रोकने की निगम को अब सुध आई है तो सीईओ मीणा ने कनिष्ठ अभियंता और सफाई निरीक्षकों की जवाबदेही भी तय कर दी। मीणा ने कहा कि भविष्य में नक्शे के विपरीत निर्माण रोकने की जिम्मेदारी कनिष्ठ अभियंता और सफाई निरीक्षकों की रहेगी।
नक्शा स्वीकृत होने के बाद कनिष्ठ अभियंता और सफाई निरीक्षक समय-समय पर मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे कि भवन मानचित्र के अनुसार बन रहा है या नहीं। नक्शे के विपरीत बनने पर काम रोकने के साथ अतिक्रमण शाखा को सूचित करेंगे। अवैध निर्माण होने पर सबसे पहले कनिष्ठ अभियंता और सफाई निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।