खेल डेस्क. चेन्नई के स्टार ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने अकेले ही ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की बारह बजाई। करियर बेस्ट परफॉर्मेंस देते हुए 26 साल के अश्विन ने चेन्नई टेस्ट की पहली पारी में 7 विकेट चटकाए।
नवंबर 2011 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ टेस्ट करियर की शुरुआत करने वाले इस फिरकी गेंदबाज ने एम ए चिदंबरम स्टेडियम की टर्न लेती पिच पर कंगारू बल्लेबाजों को अपनी उंगली पर नचाया।
103 रन देते हुए उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई बैटिंग लाइन अप के 7 टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों को पवेलियन पहुंचाया। 42 ओवर की बॉलिंग में उन्होंने 12 ओवर मेडन डाले।
माइकल क्लार्क के अलावा कोई अन्य बैट्समैन उन्हें समझ नहीं पा रहा था। एक ओर जहां चेन्नई के लीडिंग विकेट-टेकर हरभजन सिंह पीटर सिडल के सिवा कोई विकेट नहीं ले सके, वहीं अश्विन ने डेविड वार्नर, ऐड कोवन, शेन वाटसन और फिलिप ह्यूग्स जैसे टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों को आउट किया।
यह पहला मौका है जब अश्विन ने एक पारी में 7 विकेट चटकाए हैं। घरेलू मैदान पर पहले ही मैच में अश्विन ने 5 या उससे ज्यादा विकेट लेने का छक्का पूरा कर लिया।
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