खेल डेस्क. भारतीय क्रिकेटरों और लेडी लक का नाता पुराना है। फिर चाहे बात सचिन तेंडुलकर की हो या सौरव गांगुली या फिर अपने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी। इन सभी धुरंधरों की जिंदगी में प्यार की एंट्री ने किस्मत पलट कर रख दी। सचिन जहां बेहतरीन बल्लेबाज से मास्टर ब्लास्टर में तब्दील हो गए, वहीं गांगुली कप्तानी में कमाल पर कमाल करते गए। धोनी की सफलता में भी उनके टेलेंट से ज्यादा साक्षी के साथ का कमाल रहा।
कुछ ऐसा ही खूबसूरत भाग्योदय सौराष्ट्र के स्टार चेतेश्वर पुजारा की लाइफ में भी हुआ। पूजा पाबरी के साथ उनके रिश्ते की बात क्या चली वे रणजी स्टार से टीम इंडिया का अहम हिस्सा बन बैठे।
सबसे पहले उनको इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट टीम में जगह मिली। भारतीय युवा क्रिकेटरों के साथ ऐसा कम ही होता है कि पहली बार टीम में चयन होते ही उन्हें प्लेयिंग इलेवन में भी खेलने का मौका मिल जाए। पुजारा के साथ यह संयोग हुआ। राहुल द्रविड़ के रिटायरमेंट के बाद खाली हुई सीट उन्हें झट से मिल गई।
पुजारा ने इस मौके को गंवाया नहीं। मैदान के बाहर उनकी सगाई का जश्न चल रहा था, लेकिन सौराष्ट्र के इस युवा सितारे ने अपना ध्यान भटकने नहीं दिया। उन्होंने अहमदाबाद में नॉटआउट डबल सेंचुरी लगाई। मोटेरा में 206 रन बनाने के बाद मुंबई में भी उन्होंने 135 रन बनाए।
पुजारा के कट शॉट्स और कवर ड्राइव के सामने इंग्लैंड के गेंदबाज बेबस लग रहे थे। लेकिन चेतेश्वर रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बनाते चले गए।
अंग्रेजों की धुनाई करने के बाद उन्होंने रणजी में फिर से कमाल दिखाया। पहले मध्य प्रदेश के खिलाफ उन्होंने नाबाद 203 रन ठोके। फिर कर्नाटक के गेंदबाजों की खबर लेते हुए अहम मुकाबले में 352 रन बनाए। महज 25 साल की उम्र में लगातार इतनी लंबी पारियां खेलने के उनके कैलिबर ने सभी को प्रभावित किया।
पुजारा की इस पावर के पीछे दो महिलाओं और एक 'पूजा' का हाथ है।
आगे क्लिक कर जानिए, पुजारा के इस पराक्रम के पीछे छिपा यह खास राज...