खेल डेस्क. पंजाबी माहौल में होने वाले बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के तीसरे मुकाबले से पहले ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क ने टीम के चार खास खिलाड़ियों को अनुशासनहीनता के लिए टीम से बाहर करवा दिया। टीम इंडिया को हराने के लिए क्या रणनीति लगाई जाए, इस मुद्दे पर सुझाव न देने के कारण टीम के उप-कप्तान तक को सस्पेंड कर दिया गया।
जो कदम ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन ने उठाया है वैसा कॉर्पोरेट कंपनियों में होता है। एकदूसरे की टांगखिंचाई करने के लिए मशहूर कॉर्पोरेट कल्चर में अहम मौकों पर प्रेजेंटेशन न बनाने पर कर्मचारी को इस तरह से दंडित करने का चलन है, लेकिन क्रिकेट कप्तान क्लार्क और कोच मिकी आर्थर ने इस बात को कुछ ज्यादा ही गंभीरता से लेते हुए वशेन वॉटसन, मिचेल जॉनसन, जेम्स पैटिंसन और उस्मान ख्वाजा को बाहर कर दिया।
टीम के खिलाड़ियों के लिए 'हिटलर' बने क्लार्क शायद उन दिनों को भूल गए, जब वे भी अल्हड़पन में कुछ विवादों में फंसे थे। क्लार्क को वॉटसन का रवैया तो खराब लगा, लेकिन शायद वे 2008 का वेस्ट इंडीज टूर भूल गए जब महज अपनी गर्लफ्रेंड के पिता के निधन पर वे पहले टेस्ट में नहीं खेले। उन्होंने टीम के लिए अपनी ड्यूटी निभाने से बेहतर अपनी महबूबा के आंसू पोछना बेहतर समझा।
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