खेल डेस्क. उत्तर प्रदेश के पीयूष चावला ने चार साल बाद टेस्ट टीम में वापसी की है। इन-फॉर्म अमित मिश्रा और स्टार हरभजन सिंह के ऊपर तव्ज्जो देते हुए उन्हें सेलेक्टर्स ने नागपुर में हो रहे इंग्लैंड के खिलाफ करो या मरो मुकाबले में मौका दिया। हैरानी की बात यह रही कि चावला ऐसा बॉलर हैं जिन्होंने हाल ही में रणजी टूर्नामेंट में सबसे घटिया गेंदबाजी का रिकॉर्ड बनाया था।
चावला धोनी के करीबी खिलाड़ियों में शुमार हैं। जब भी टीम में बदलाव करने की बात आती है, तब धोनी रवींद्र जडेजा या पीयूष चावला को टीम में ले आते हैं। हरियाणा के टेलेंटेड स्पिनर अमित मिश्रा का करियर धोनी की इसी जिद के कारण अधर में लटका हुआ है।
चार साल तक टेस्ट से दूर रहने के बावजूद चावला होश में नहीं आए हैं। नागपुर में वे लगातार रन लुटाए जा रहे हैं। रणजी में भी वे रन लुटाने के नए-नए रिकॉर्ड बना रहे थे। अब यही फॉर्म टेस्ट में भी जारी है।
महाराष्ट्र के खिलाफ रणजी मैच में चावला एक और अनचाहा रिकॉर्ड अपने नाम करने जा रहे थे, लेकिन मेजबान टीम के कप्तान रोहित मोटवानी की मेहरबानी से वे इससे बच गए।
महाराष्ट्र ने यूपी के खिलाफ मैच की पहली पारी 6 विकेट पर 764 रन के विशाल स्कोर पर डिक्लेयर की थी। मोटवानी के पारी घोषित करने के फैसले ने चावला को एक घटिया रिकॉर्ड बनाने से बचा लिया था।
महाराष्ट्र के इस विशालकाय स्कोर में केदार जाधव ने शानदार 327 रन की पारी खेली। जाधव ने सीजन की पहली ट्रिपल सेंचुरी में 54 चौके और 2 छक्के लगाए।
चावला ने सबसे घटिया गेंदबाजी करते हुए 51 ओवरों में 233 रन खर्च किए। उन्हें तीन विकेट जरूर मिले, लेकिन वे रन लुटाने में भी अव्वल रहे।
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