चेन्नई. ऑस्ट्रेलिया के कप्तान माइकल क्लार्क भारतीय मैदानों पर जीत के इरादे से यहां आए हैं। इसका सबूत उन्होंने चेन्नई टेस्ट के लिए अपने प्लेयिंग इलेवन के सेलेक्शन में दे दिया।
स्पिनर्स के लिए जन्नत रही चेन्नई की पिच पर क्लार्क ने एक या दो नहीं, बल्कि तीन तेज गेंदबाजों के साथ उतरने का फैसला किया है।
क्रिकेट पंडित इसे क्लार्क द्वारा खेला एक जुआं कह रहे हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई टीम में पप (पिल्ले) के नाम से मशहूर क्लार्क ऐसा नहीं मानते।
शुक्रवार से शुरू हो रहे पहले टेस्ट की पूर्व संध्या पर उन्होंने कहा, "मैं नहीं मानता यह किसी प्रकार का जुआं है। हम पीटर सिडल, मिचेल स्टार्क और जेम्स पैटिंसन जैसे तीन स्पेशलिस्ट पेसर के साथ खेल रहे हैं। हेनरिक्स के रूप में हमारे पास एक बेहतरीन ऑलराउंडर है और स्पिन अटैक का जिम्मा नाथन लियॉन, डेविड वार्नर और मुझ पर है।"
क्लार्क के इस फैसले के पीछे टीम इंडिया के दिग्गजों की एक कमजोरी है।
क्लार्क ने अपने साथियों के साथ बैठ कर इसका गहन अध्ययन करने के बाद ही इस प्लेयिंग इलेवन का सेलेक्शन किया है।
आगे क्लिक कर आंकड़ों के आईने में देखिए, सचिन तेंडुलकर से लेकर वीरेंद्र सहवाग तक, धोनी से लेकर विराट कोहली तक, हर धुरंधर की उस खास कमजोरी का नजारा...