पहले मैच में गुजरात की टीम 130 रन पर ढेर हो गई। इसके बाद मुंबई की टीम ने जवाब में 211 रन बना कर 81 रन की लीड हासिल कर ली। नन्हे अर्जुन ने पवेलियन से ही अपने साथी खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। हर शॉट पर ताली बजा कर उन्होंने अपनी खेल भावना का परिचय दिया।
अर्जुन अपनी प्रैक्टिस में कोई कमी नहीं रख रहे। उन्हें पूरी उम्मीद है कि 25 तारीख से होने वाले अगले मैच में उन्हें मौका जरूर मिलेगा। पापा सचिन के उलट खब्बू क्रिकेटर अर्जुन को बतौर ऑलराउंडर टीम में शामिल किया गया। जिस दिन अर्जुन का चयन हुआ उसी दिन
तेंडुलकर ने मीडिया से नर्म शब्दों में आग्रह किया कि वे उनके बेटे पर उम्मीदों का बोझ न लादें। उन्होंने अपने सिग्नेचर अंदाज में कहा कि अर्जुन को खेल का आनंद लेने दिया जाए और उनसे मीडिया जितना दूर रहे उतना ही अच्छा।
यह पहला मौका नहीं है जब
क्रिकेट जगत में एक स्टार पिता के बेटे ने एंट्री की है। सुनील गावस्कर से लेकर नवाब पटौदी और मोहिंदर अमरनाथ तक इस दौर से गुजर चुके हैं। इनमें से कुछ ने अपने पिता से बेहतर पहचान बनाई, तो कुछ उम्मीदों के बोझ तले दब गए।
आगे क्लिक कर जानिए, क्रिकेट जगत की कुछ ऐसी ही पापा-बेटे की जोड़ियों पर, कौन रहा कितना हिट, कौन हुआ फ्लॉप...