पुजारा ने कर्नाटक के खिलाफ मुकाबले में 352 रन की पारी खेली। राजकोट के यूनिवर्सिटी ग्राउंड पर हुए क्वार्टरफाइनल में पुजारा ने मैच विनिंग नॉक खेलते हुए 427 गेंदों में 49 चौके और 1 छक्का लगाया। इससे पहले मध्यप्रदेश के खिलाफ उन्होंने नाबाद 203 रन बनाए थे।
पुजारा के पराक्रम ने सौराष्ट्र को रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पहुंचा दिया।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अलग-अलग लेवल पर खेलते हुए यह पुजारा की पांचवी ट्रिपल सेंचुरी है। रनों के बादशाह सचिन तेंडुलकर एक पारी में 300 रन का आंकड़ा छूने में नाकाम रहे हैं। लेकिन पुजारा बड़ी आसानी के साथ इस कारनामे को अंजाम दे देते हैं।
ऐसा नहीं कि पुजारा सिर्फ टेस्ट जैसे गंभीर फॉर्मेट में ही धमाल कर सकते हैं। 50-50 ओवरों के फॉर्मेट में भी उन्होंने बेहतरीन औसत से रन बनाए हैं।
अक्टूबर 2012 में खेले आखिरी घरेलू वनडे टूर्नामेंट में उन्होंने सौराष्ट्र को चैंपियन बनाया था। एनकेपी साल्वे चैलेंजर ट्रॉफी में पुजारा ने बेहतरीन बैटिंग का प्रदर्शन कर यह उपलब्धि हासिल की थी।
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