क्रिकेट को भले ही हमेशा से जेंटलमैन्स गेम माना जाता रहा हो लेकिन विवादों और क्रिकेट का चोली-दामन का साथ रहा है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच जारी टेस्ट सीरीज के बीच में हुए विवाद के बाद उप कप्तान शेन वॉटसन टीम का साथ छोड़ वापस लौट गए हैं।
चेन्नई और
हैदराबाद में खेले गए मुकाबले में हारने के बाद कंगारू खिलाड़ियों को अपनी कमजोरी और टीम इंडिया को हराने के लिए एक फॉर्म भरने और एक प्रजेंटेशन देने को कहा गया था। यह फॉर्म नहीं भरने पर वॉटसन को तीसरे टेस्ट के लिए टीम से बाहर किया गया था। कप्तान
माइकल क्लार्क ने इस फैसले को सही बताया था। इसी से पता चलता है कि
क्लार्क और वॉटसन के संबंध भी धोनी और सहवाग की तरह रहे हैं।
टीम का साथ छोड़ने के बाद वॉटसन ने कहा था है कि वह टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने पर भी विचार कर रहे हैं। परफॉर्मेंस फॉर्म भरने में नाकाम रहे चार खिलाड़ियों को कोच ने टीम से सस्पैंड किया था जिसमें वॉटसन भी शामिल थे। इसके बाद वॉटसन अपनी प्रेग्नेंट पत्नी के साथ टीम को छोड़ कर वापस ऑस्ट्रेलिया लौट गए थे। वे भारत के खिलाफ तीसरे टेस्ट से बारह किए जाने पर नाराज थे। कोच मिकी ऑर्थर ने भी कहा था कि अपने सस्पेंशन की खबर सुनकर वॉटसन के चेहरे पर हवाइयां उड़ गई थीं। वहीं वॉटसन ने टीम प्रबंधन से निराशा जताते हुए कहा था, उनका कसूर इतना बड़ा नहीं था कि उन्हें टीम से बाहर किया जाता। लेकिन किसी खिलाड़ी के टीम का दौरा बीच में छोड़कर जाने की पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई खिलाड़ियों ने बीच में दौरे छोड़े हैं। कई मामलों में खिलाड़ियों के दौरा छोड़ने के कारणों का सालों बाद पता चला तो कई मामलों में आज तक उन वजहों का पता नहीं चल सका है।
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