धोनी की नज़र में 'सचिन' हैं जहीर

कोलंबो. अफगानिस्तान के खिलाफ बेहद फीका प्रदर्शन (ऐसे तो जल्द बाहर हो जाएगा भारत, पढ़ें)
करने के बाद सबकी नज़रें रविवार को इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले मुकाबले (क्या हो भारत की रणनीति, पढ़ें) पर लगी हैं। इस बीच टीम की दिक्कतें (घटिया खाना खाकर बीमार हुए युवी-रैना, पढ़ें) बढ़ती जा रही हैं। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए अभ्यास मैच और अफगानिस्तान से हुए मुकाबले में जो खेल दिखाया है, उसे लेकर टीम को पहले से ही जबरदस्त आलोचना झेलनी पड़ रही है। वैसे भी टीम के आधे खिलाड़ी 30 साल से ज्यादा के हैं। 30 साल से ऊपर के खिलाड़ियों के क्लब में शामिल हैं जहीर खान।
टीम इंडिया के तेज गेंदबाज जहीर खान का प्रदर्शन सवालों के घेरे में है। पिछले कुछ महीनों खासकर बीते चार टी-20 मैचों में उनका फॉर्म गेंदबाजी में उनके 'कद' के आसपास भी नहीं टिकता दिख रहा है। ऐसे में बायें हाथ के इस बेहद तजुर्बे वाले बॉलर को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है और हर गुजरते दिन के साथ टी-20 टीम में उनकी जगह सवालों के घेरे में है। लेकिन इस गाढ़े वक्त में टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी उनके बचाव में आगे आ गए हैं।
धोनी से पूछा गया कि क्या टीम इंडिया को जहीर की जरुरत है? इसके जवाब में धोनी ने कहा, 'हमें यह याद रखने की जरूरत है कि जहीर को सचिन के बराबर सम्मान दिया जाना चाहिए। गेंदबाजी में वे हमारे लिए सचिन तेंडुलकर हैं। यही वजह है कि हमारे लिए यह जरूरी है कि हम उनपर जितना संभव हो उतना भरोसा जताएं। हमारे पास मुश्किल मैचों से पहले कुछ मैच हैं, जिनमें हम प्रयोग कर सकते हैं। उसके बाद मुकाबला मजबूत टीमों से होगा।'
धोनी से अगला सवाल पूछा गया कि सचिन पर सेलेक्टरों और धोनी का भरोसा अटल है, लेकिन क्या यही बात जहीर के लिए भी कही जा सकती है? धोनी ने कहा, 'इसका जवाब देना मेरे लिए मुश्किल है। आपको यह देखना पड़ेगा कि हम लोग हर मैच मं 4 गेंदबाज और कुछ कामचलाऊ गेंदबाजों के साथ उतरते हैं। अगर उनमें से एक भी गेंदबाज फेल होता है तो हम उस स्थिति को संभाल सकते हैं। लेकिन अगर उनमें से दो नाकाम रहते हैं तो टीम के लिए उस हालत को संभालना मुश्किल होता है। हम उम्मीद करते हैं कि वे जल्द ही अच्छा प्रदर्शन करेंगे। वे हमारे तजुर्बेकार तेज गेंदबाज हैं और वे अच्छा खेल दिखाएंगे।'
इससे पहले जोरदार फॉर्म में चल रहे विराट कोहली जहीर खान के बचाव में आगे आए थे। उन्होंने कहा था कि उनके (जहीर) के शुरुआती स्पेल असरदार हैं। स्लॉग ओवर में किसी गेंदबाज के प्रदर्शन पर सवाल खड़ा करना मुश्किल है क्योंकि इस दौरान बल्लेबाज सिर्फ बड़े शॉट लगाता है। ऐसे में गेंदबाज कुछ भी करने की हालत में नहीं रहता है।
जहीर के प्रदर्शन में गिरावट साफ तौर पर देखी जा सकती है। पिछले चार टी-20 मैचों में उनका खेल बेहद फीका रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ एकमात्र टी-20 मैच में जहीर ने चार ओवरों में 27 रन देकर 1 विकेट लिया था। इसके बाद टी-20 वर्ल्ड कप के पहले वॉर्म अप मैच में जहीर ने श्रीलंका के खिलाफ चार ओवरों में 29 रन देकर 1 विकेट और पाकिस्तान के खिलाफ 3 ओवरों में 31 रन और अफगानिस्तान के खिलाफ 3 ओवरों में बिना विकेट लिए 32 रन। इस तरह से जहीर ने पिछले 4 टी-20 मैचों में 14 ओवरों में 119 रन देकर 2 विकेट लिए हैं।
जहीर इंग्लैंड के खिलाफ ऑप्शनल नेट सेशन में प्रैक्टिस करते नहीं देखे गए। उनकी उम्र और उनके शरीर का वजन बढ़ रहा है। उनकी गेंदें रिवर्स स्विंग नहीं हो रही हैं, एक फील्डर के तौर पर उन्हें मैदान पर छुपाना पड़ता है और श्रीलंका में पारंपरिक स्विंग कराने में भी उन्हें बहुत सी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।








