भाग्य के सहारे ही नहीं खेला जाता टी-20 : डेल स्टेन
जब कुछ लोग कहते है कि टी-20 क्रिकेट में भाग्य की मुख्य भूमिका होती है तो मुझे अच्छा नहीं लगता है। यदि ऐसा होता तो इतने सारे प्रतिभाशाली खिलाड़ी टूर्नामेंट के लिए
इतना अभ्यास क्यों करते। जिम्बाब्वे के खिलाफ हमारी शुरूआत अच्छी हुई और इससे यह भी साबित हो गया कि हमने मैच पूरी गंभीरता के साथ खेला। हमने विपक्षी टीम को बड़ी पार्टनरशिप बनाने से रोका। टीम में कालिस और मोर्केल ने अपना पूरा सहयोग दिया। इसमें शक नहीं है कि यह दोनों दुनिया के सर्वाधिक अनुभवी टी-20 गेंदबाजों में से है। हम
तीनों ने एक साथ आईपीएल क्रिकेट के कई महत्वपूर्ण मैच खेले है। हमें एशियाई विकेटों की अच्छी जानकारी भी है और हम विकेट के अनुसार अपनी लाइन और लेंथ बदलने में
माहिर है। मुझे उम्मीद है कि श्रीलंका के खिलाफ अगला मुकाबला काफी रोमांचक होगा। इस मुकाबले में दोनों टीमों पर तनाव तथा दबाव नहीं रहेगा।। वैसे यह सच है कि टी-20
क्रिकेट में काफी हद तक किस्मत का भी योगदान रहता है लेकिन फिर भी मेहनत और लगन अपनी जगह पर है। यदि सभी खिलाड़ी परिणाम की चिंता किए बगैर अच्छा खेलते है
तो उन पर तनाव काफी हद तक हट जाता है और इस तरह वे श्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहते है। इसलिए टी-20 क्रिकेट में सभी खिलाडिय़ों को पूरी तरह तनावरहित होकर केवल
खेल पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए।