टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने पाकिस्तान को
पहले टी-20 की जीत तोहफे में दे दी। धोनी ने रविचंद्रन अश्विन जैसे स्पिनर को एकादश से बाहर रखने का दांव खेला, जो उल्टा पड़ गया। उन्होंने अश्विन के स्थान पर रविंद्र जडेजा को तरजीह दी। उल्लेखनीय है कि शोएब मलिक ने अंतिम ओवर में जडेजा की गेंद पर ही विजयी छक्का लगाया था। जडेजा ने 2.4 ओवर में 29 रन लुटाए। युवराज भी नहीं चले।
विशेषज्ञों के अनुसार धोनी को मैच में सावधानी बरतनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने अश्विन को बाहर रखने का प्रयोग कर डाला। माही ने बल्लेबाजी मजबूत करने के इरादे से तीन तेज गेंदबाजों को एकादश में लिया। विशेषज्ञ स्पिनर के स्थान पर उन्होंने तीन पार्ट टाइम स्पिनर आजमाए। विराट कोहली, युवराज सिंह और रविंद्र जडेजा ने 46 गेंदें करते हुए 75 रन लुटा दिए। पूर्व क्रिकेटरों के अनुसार यही टीम की हार का मुख्य कारण रहा। उनका कहना है कि अश्विन के रूप में एक विशेषज्ञ स्पिनर का एकादश में होना जरूरी था। पाक की ओर से सईद अजमल ने चार ओवर में 25 रन पर दो विकेट लिए।
हार के बाद धोनी ऐसे संकेत दे रहे हैं कि उन्होंने इससे कोई सबक नहीं लिया। वह जडेजा की तारीफ करते नहीं थके। उन जडेजा की जिनकी गेंदबाजी का भारत की हार में अहम रोल रहा। अहमदाबाद में दूसरे टी-20 मुकाबले में अश्विन को खेलाए जाने को लेकर भी धोनी ने कोई संकेत नहीं दिया है।
‘हमारे काम आई भारत की रणनीति’
अश्विन को पहले टी-20 मैच में नहीं खिलाए जाने पर पाक कप्तान मुहम्मद हफीज ने आश्चर्य जाहिर किया है। उनका कहना है कि अश्विन की अनुपस्थिति का लाभ हमें मिला। हफीज ने कहा कि टीम इंडिया में अश्विन के अलावा कोई विश्व स्तरीय स्पिनर नहीं है। जाहिर है अश्विन के न होने से हमारा काम आसान हो गया। दूसरी ओर भारतीय कप्तान धोनी ने कहा कि अश्विन अंतिम ओवरों में महंगे साबित हो रहे थे, इसलिए उन्हें आराम दिया गया।
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