विज्ञापन
 
Home >> Sports >> Cricket >> Latest News >> India Vs Australia Hyderabad Test Day 4 Ashwin

इंडिया ने दर्ज की दूसरी सबसे बड़ी जीत, सर्वाधिक टेस्‍ट जीतने वाले भारतीय कप्‍तान बने धोनी

1 of 6 Photos

हैदराबाद. राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में टेस्ट मैच के चौथे ही दिन भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पारी और 135 रन के विशाल अंतर से हरा दिया। इस जीत के साथ ही कप्तान धोनी भारतीय टेस्ट इतिहास के सबसे सफल कप्तान बने और भारतीय टीम ने दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज करने का भी रिकॉर्ड कायम किया। दोनों टीमों के इतिहास में यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी जीत है।

टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी 9 विकेट पर 237 रन के स्कोर पर घोषित कर दी थी। भुवनेश्वर कुमार और रवींद्र जडेजा ने 3-3 विकेट लेकर मेहमान टीम का बुरा हाल कर दिया था। कप्तान माइकल क्लार्क के 91रनों की बदौलत जैसे तैसे ऑस्ट्रेलिया ने 237 रन बनाए थे।

जवाब में भारतीय टीम ने पहली पारी में चेतेश्वर पुजारा (204) और मुरली विजय (167) की बेहतरीन पारियों के दम पर 503 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इन मैगा सेंचुरी के दम पर भारत को ऑस्ट्रेलिया पर 266 रन की लीड मिली।

दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया भारत द्वारा ली बढ़त की बराबरी तक नहीं कर सका। आर अश्विन के पांच विकेटों के दम पर भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 131 रन पर ऑल आउट कर दिया। रवींद्र जडेजा ने भी अहम योगदान करते हुए माइकल क्लार्क समेत 3 कीमती विकेट चटकाए।

ऑस्ट्रेलिया के लिए एड कोवन ने सर्वाधिक 44 रन बनाए। 

15 साल बाद मिली सबसे बड़ी जीत

चेतेश्वर पुजारा व मुरली विजय की रिकॉर्डतोड़ बैटिंग और भारतीय स्पिनर्स की कमाल गेंदबाजी के दम पर भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हैदराबाद टेस्ट में 135 रन और पारी के अंतर से हराया। इस जीत के साथ ही कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के 21 टेस्ट जीत के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया। अब वे 22 जीते हुए मैचों के साथ भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान हैं।
 
धोनी ब्रिगेड ने 12 साल के अंतराल के बाद ऑस्ट्रेलिया को पारी के अंतर से हराने का कारनामा किया। इससे पहले  1998 में हुए कोलकाता टेस्ट में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पारी और 219 रन के अंतर से हराया था।
 
ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी महज 131 रन पर सिमट गई। रवींद्र जडेजा और आर अश्विन ने स्पिन से कमाल दिखाते हुए मेहमान टीम के बल्लेबाजों को पस्त कर दिया। ओपनर एड कोवन (44) के अलावा कोई भी बल्लेबाज मैदान पर नहीं टिक सका। ऑस्ट्रेलिया को कप्तान माइकल क्लार्क से मैच बचाऊ पारी की उम्मीद थी, लेकिन वे भी 16 रन बना कर जडेजा की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। टीम इंडिया के लिए आर अश्विन ने 5 और जडेजा ने 3 विकेट चटकाए। इशांत शर्मा को 1 सफलता हाथ लगी।
 
मैच का संक्षिप्त स्कोर:
 
ऑस्ट्रेलिया पहली पारी - 237/9 घोषित
 
माइकल क्लार्क - 91 रन, मैथ्यू वेड - 62 रन
 
रवींद्र जडेजा - 33 रन देकर 3 विकेट, भुवनेश्वर कुमार - 53 रन देकर 3 विकेट, हरभजन सिंह - 52 रन देकर 2 विकेट और आर अश्विन - 41 रन देकर 1 विकेट।
 
भारत दूसरी पारी - 503 रन (266 रन की बढ़त)
 
चेतेश्वर पुजारा - 204 रन, मुरली विजय - 167 रन, कप्तान धोनी - 44 रन
 
ग्लेन मैक्सवेल - 127 रन देकर 4 विकेट, डोहर्टी - 131 रन देकर 3 विकेट, पैटिंसन - 80 रन देकर 2 विकेट और सिडल - 92 रन देकर 1 विकेट।
 
ऑस्ट्रेलिया दूसरी पारी - 131 रन ऑलआउट
 
एड कोवन - 44 रन
 
आर अश्विन - 63 रन देकर 5 विकेट, जडेजा - 33 रन देकर 3 विकेट, इशांत शर्मा - 1 विकेट।
 
ऑस्ट्रेलिया की 14वीं शर्मनाक हार
 
रिकी पोंटिंग, मैथ्यू हेडन, माइक हसी, डेमियन मार्टिन और एडम गिलक्रिस्ट जैसे दिग्गजों की अहमियत आज कप्तान माइकल क्लार्क को समझ आ रही होगी। पिछले साल भारतीय टीम को 4-0 से हरा कर हीरो बनी क्लार्क एंड कंपनी हैदराबाद में महज तीसरे ही दिन अपनी हार तय करवा दी थी। चौथे दिन के पहले ही सत्र में मेजबान टीम के स्पिनर्स ने उसे पारी से हरा दिया।
 
पहले दिन भुवनेश्वर की स्विंग और रवींद्र जडेजा व आर अश्विन की स्पिन ने कंगारुओं को महज 237 रन पर रोक दिया। खुद को होशियार साबित करने के लिए कप्तान क्लार्क ने अपनी पारी को 9वां विकेट गिरते ही डिक्लेयर कर दिया। उन्हें लगा कि उनके गेंदबाज भी भारतीय ओपनर्स को सस्ते में चलता कर मैच में टीम की वापसी करवा देंगे, लेकिन उनका प्लान पूरी तरह फ्लॉप हो गया।
 
हालांकि, वीरेंद्र सहवाग के सस्ते में आउट होने के बाद ऐसा लग रहा था कि क्लार्क की शातिर चाल काम कर जाएगी, लेकिन एक बार जब पिच पर चेतेश्वर पुजारा और मुरली विजय की जोड़ी जमी तो जैसे मैच का पासा ही पलट गया। रविवार के दिन भारतीय टीम ने महज 1 विकेट के नुकसान पर 311 रन बनाए। तीसरे दिन इस स्कोर को विशाल बनाते हुए मेजबान बल्लेबाजों ने 503 रन बनाए।
 
एक छोर से इंडियन बैट्समैन रन ठोक कर रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रहे थे, तो दूसरे छोर पर कंगारू गेंदबाज पानी-पानी (विकेट-विकेट) कर रहे थे। निजामों की नगरी में डंका मेजबान टीम का ही बजा।
 
तीसरे दिन भी आर अश्विन ने अपनी स्पिन के जाल में दो कंगारुओं को फंसा कर कंगारुओं की मुश्किलें चार गुना बढ़ा दीं।
 
टेस्ट इतिहास में ऑस्ट्रेलिया के नाम सर्वाधिक 353 जीत दर्ज हैं, जिसमें से 85 बार कंगारुओं ने पारी के अंतर से जीत हासिल की है। इसके बावजूद, हैदराबाद के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया की टीम को टेस्ट में 14वीं सबसे शर्मनाक हार का मुंह देखना पड़ा।
 
आगे क्लिक कर जानिए, ऑस्ट्रेलिया पर हैदराबाद में मैगा जीत के साथ टीम इंडिया ने कैसे रचा इतिहास...

पुजारा ने बनाए पिच पर कीर्तिमान, दिलशान की निजी जिंदगी में घमासान

हैदराबाद टेस्ट के तीन दिन में बने 9 खास रिकॉर्ड, जानने के लिए यहां क्लिक करें


आपके विचार
 
 
कोड:
3 + 6

 
Ad Link
विज्ञापन
विज्ञापन
 
 
 
 
Sabse Bada Match Fixer Contest
 
 

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

क्रिकेट

बिज़नेस

जोक्स

पसंदीदा खबरें

Email Print Comment
Email Print Comment