खेल डेस्क. टेस्ट सीरीज में 2-1 की धमाकेदार जीत दर्ज कर इतिहास रचने वाली इंग्लैंड की टीम अब वनडे मैचों में
मेजबान टीम इंडिया को टक्कर देने को तैयार है। एलिस्टर कुक की अगुवाई वाली इंग्लैंड टीम टिम ब्रेसनन, स्टीवन फिन, स्टुअर्ट ब्रॉड और जेम्स एंडरसन जैसे तेज गेंदबाजों के साथ एकदिवसीय मुकाबलों में उतरेंगे।
फास्ट बॉलिंग के लिए बेजान पिचों पर इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन ने टेस्ट सीरीज के दौरान शानदार परफॉर्मेंस दिया था। उन्होंने न पिच का बहाना बनाया, ना ही परिस्थितियों का रोना रोया। सही लाइन लेंथ को रफ्तार के साथ मिला कर एंडरसन ने मेजबान टीम को धूल चटा दी।
भारतीय टीम पिछले साल इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के दौरों पर बुरी तरह पिट कर लौटी थी। वहां की तेज उछाल वाली पिचों पर बल्लेबाज तो रफ्तार के आगे ढेर हो रहे थे, लेकिन हमारे फास्ट बॉलर्स मददगार पिचों पर भी विकेट लेने की जगह रन लुटा रहे थे।
कुछ ऐसा ही सीन भारतीय पिचों पर भी देखने को मिला। इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन से लेकर पाकिस्तान के युवा तेज गेंदबाज जुनैद खान और मोहम्मद इरफान ने
मेजबान टीम के दिग्गज बल्लेबाजों को दिन में तारे दिखाए। गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग को समझ नहीं आ रहा था कि गेंद कहां से निकल कर किस ओर जा रही है। पिछले साल जम कर रन बनाने वाले विराट कोहली भी क्वालिटी फास्ट बॉलिंग के सामने बेबस हो गए थे।
फास्ट बॉलिंग में ऐसी क्या खास बात है कि सबसे ज्यादा अमीर क्रिकेट बोर्ड होने के बावजूद बीसीसीआई के पास क्वालिटी फास्ट बॉलर्स का अकाल रहता है। बल्लेबाज को डराने वाली रफ्तार और सटीक लाइन लेंथ के मामले में भारतीय गेंदबाज हमेशा गच्चा खा जाते हैं।
वहीं दूसरी ओर
पड़ोसी पाकिस्तान में खराब पिच और बेकार इंफ्रास्ट्रक्चर के बावजूद हर दूसरा गेंदबाज 100 की रफ्तार से बॉल डालता है।
dainikbhaskar.com ने आंकड़ों और पिछले कुछ परफॉर्मेंसेस को जब पलट कर देखा तो बल्लेबाजों और गेंदबाजों में कुछ विशेष कमियां सामने आईं।
आगे क्लिक कर जानिए, आखिर क्यों फास्ट बॉलिंग इतने सालों से बनी हुई हैं टीम इंडिया के लिए हव्वा...