बेंगलुरु. भारत-पाकिस्तान के मैच के बीच न सिर्फ दोनों देशों के क्रिकेट प्रेमियों की भावनाएं उबाल पर होती हैं बल्कि मैदान पर खिलाड़ी भी एक-दूसरे के सामने युद्ध के सैनिकों के समान होते हैं। मंगलवार को भारत और पाकिस्तान के बीच हुई टी ट्वेंटी मैच में भारतीय गेंदबाज इशांत शर्मा और पाकिस्तानी विकेटकीपर कामरान अकमल भी एक-दूसरे से भिड़ गए थे। वक्त रहते बाकी खिलाड़ियों और अंपायरों ने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो माहौल और भी गर्म हो सकता था। हालांकि इशांत और कामरान को मैदान पर 'झगड़ा' करने की 'सजा' भी मिली है। इशांत पर मैच फीस का 15 फीसदी जबकि कामरान पर 5 फीसदी का जुर्माना लगा है।
इस सीजन में विकेटों के लिए तरस रहे शर्मा ने अकमल के सामने गेंदें खाली निकाली जिसपर दोनों खिलाड़ियों ने एक दूसरे को उंगली दिखा दी। शर्मा काफी उत्तेजित लग रहे थे और वह अकमल पर उंगली उठाते रहे। हालांकि दोनों ही टीमों के कप्तानों ने घटना को हल्के में लिया। महेंद्र सिंह धोनी ने कहा, 'यह दोनों के बीच गलतफहमी के कारण हुआ। गेंदबाज ने कुछ और कहा था और बल्लेबाज की समझ में कुछ और आया। ईशांत ने अकमल को गाली नहीं दी थी। आगे से हम ऐसी बातों पर नजर रखेंगे'। वहीं पाकिस्तानी कप्तान मुहम्मद हफीज ने कहा, 'हमने मैदान पर ही बात खत्म कर दी थी। हम सिर्फ खेल पर ध्यान केंद्रित रखना चाहते हैं।'
दोनों खिलाडि़यों के बीच उस समय बहस हुई थी जब अकमल को इशांत की गेंद पर नॉटआउट दिया गया था और उससे अगली ही गेंद को ईशांत ने खाली निकाल दी थी। हालांकि खेल के बाद दोनों के बीच हालात बिलकुल सामान्य हो गए। मैच खत्म होने पर दोनों ने बातचीत की और एक दूसरे की पीठ भी थपथपाई। वहीं मैदान पर गौतम गंभीर और मोहम्मद इरफान भी एक दूसरे को घूरते नजर आए।
हालांकि यह पहली बार नहीं है जब मैदान पर भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों के बीच गहमागहमी हुई हो। 1996 विश्वकप के सेमीफाइनल के दौरान पाकिस्तानी ओपनर आमिर सोहेल और वेंकटेश प्रसाद के बीच भी ऐसी ही नोकझोंक हुई थी। उस समय प्रसाद की गेंद को सीमा रेखा के पार भेजने के बाद आमिर सोहेल ने उंगली दिखाई थी लेकिन अगली ही गेंद पर प्रसाद ने उन्हें बोल्ड कर दिया था। इसके बाद पाकिस्तानी पारी लड़खड़ा गई थी और भारत मैच जीत गया था।
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