नई दिल्ली. महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी बरकरार रहेगी या नहीं यह बीसीसीआई तय करेगी लेकिन बाजार ने धोनी को नकारना शुरु कर दिया है। पांच बड़ी कंपनियों ने धोनी के साथ विज्ञापन समझौते समाप्त कर दिए हैं।
इस साल जनवरी से नवंबर के बीच 22 कंपनियों ने महेंद्र सिंह धोनी को अपने विज्ञापनों में दिखाया जबकि पिछले साल 27 कंपनियों ने उन्हें अपने विज्ञापनों में दिखाया था। यही नहीं धोनी के विज्ञापन वाले प्रॉडक्ट्स की संख्या भी 43 से कम होकर 28 रह गई है।
यह जानकारी डेटा रिसर्च और मीडिया-ट्रैकिंग एजेंसी टीम ने जुटाई है। टेस्ट मैचों में पिछले बीस माह में भारतीय टीम ने लगातार खराब प्रदर्शन किया है। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया से 0-4 के समान अंतर से हारने के बाद हम घरु सीरीज में भी इंग्लैंड से 1-2 से हार गए। टीम के खराब प्रदर्शन के कारण धोनी को हटाने की मांग जोर पकड़ रही है।
वहीं बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि महेंद्र सिंह धोनी को कप्तानी से हटाया जाता है तो उनकी ब्रांड वैल्यू में 30 प्रतिशत तक की कमी आ जाएगी। धोनी भारत में सबसे ज्यादा कमाने वाले खिलाड़ी है। वो हर साल विज्ञापनों से करीब 70 करोड़ रुपये कमाते हैं।
हालांकि कई बड़ी कंपनियां अभी भी धोनी पर दांव खेलने के लिए तैयार हैं। पेप्सिको ने धोनी के साथ अपने करार को आगे बढ़ाया है। वहीं धोनी की एडवरटाइजिंग डील का प्रबंधन करने वाली कंपनी ऋति स्पोर्ट्स से जुड़े अरुण पांडे का कहना है कि कई छोटे एडरवटाइजरों के धोनी के साथ करार खत्म हुए हैं।
अरुण कहते हैं, 'कुछ ब्रांडों के लिए धोनी बहुत महंगे हैं जबकि कुछ अन्य के लिए वो ब्रांड से भी बड़े हो जाते हैं, इसलिए उनकी ब्रांड संख्या में कमी आई है। जबकि कुछ ब्रांड ऐसे है जो धोनी को अपने साथ बरकरार रखने के लिए कोई भी कीमत चुकाने के लिए तैयार हैं लेकिन हम हर किसी के साथ समझौता नहीं कर सकते क्योंकि धोनी बहुत व्यस्त हैं।'